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उपभोक्ता आयोग
नई दिल्ली: प्रतिबंधित कीटनाशकों की ऑनलाइन बिक्री को लेकर केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियो मार्ट जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई ऐसे कीटनाशकों की बिक्री से जुड़े मामले में की गई है, जिनकी बिक्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद उन्हें ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाने का मामला सामने आया था।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा से जुड़े इस मामले को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया है। ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर किसी उत्पाद को सूचीबद्ध करने और उसकी बिक्री की अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संबंधित उत्पाद की बिक्री देश में लागू नियमों के अनुरूप हो।
प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री का मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि ऐसे उत्पाद लोगों के स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं। सरकार की ओर से जिन कीटनाशकों के इस्तेमाल या बिक्री पर रोक लगाई जाती है, उनकी उपलब्धता को नियंत्रित करना जरूरी होता है। इसके बावजूद यदि ऐसे उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध होते हैं तो उपभोक्ताओं के लिए जोखिम बढ़ सकता है। कार्रवाई के दौरान अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियो मार्ट पर जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही ई-कॉमर्स कंपनियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध उत्पादों की निगरानी को मजबूत करें और प्रतिबंधित वस्तुओं की बिक्री रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाएं।
ऑनलाइन खरीदारी का दायरा तेजी से बढ़ने के साथ ई-कॉमर्स कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। खाद्य पदार्थों, दवाओं, रसायनों और कीटनाशकों जैसी संवेदनशील श्रेणियों में किसी भी प्रतिबंधित या नियमों के विपरीत उत्पाद की बिक्री उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन सकती है।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की इस कार्रवाई को ऑनलाइन मार्केटप्लेस के लिए सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वाले विक्रेताओं के साथ ई-कॉमर्स कंपनियों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उपभोक्ताओं को ऐसा कोई उत्पाद उपलब्ध न कराया जाए जिसकी बिक्री प्रतिबंधित है। इस कार्रवाई के बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंधित उत्पादों की निगरानी और उन्हें हटाने की व्यवस्था को लेकर भी ध्यान बढ़ा है। आने वाले समय में नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।
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