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होर्मुज स्ट्रेट तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से शेयर बाजार में गिरावट

Kavita2
5 May 2026 5:08 PM IST
होर्मुज स्ट्रेट तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से शेयर बाजार में गिरावट
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Mumbai मुंबई: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली, जहां बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बिकवाली के दबाव में बंद हुए। बाजार पर मुख्य रूप से वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने का असर दिखाई दिया।

बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव और अमेरिका तथा ईरान के बीच सीजफायर को लेकर बढ़ती अनिश्चितता रही। इस जियोपॉलिटिकल तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया और बाजार में सतर्कता का माहौल बना रहा।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी। इन दोनों कारकों ने मिलकर घरेलू बाजार पर दबाव बनाया।

उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 251.61 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,017.79 पर बंद हुआ। दिन के दौरान सेंसेक्स 754.37 अंक या 0.97 प्रतिशत तक गिरकर 76,515.03 के निचले स्तर पर पहुंच गया था।

वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 86.50 अंक यानी 0.36 प्रतिशत गिरकर 24,032.80 पर बंद हुआ। पूरे सत्र में बाजार में अस्थिरता बनी रही और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में ICICI बैंक, इटरनल, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल और लार्सन एंड टूब्रो सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। इन शेयरों में बिकवाली का दबाव अधिक देखा गया।

वहीं दूसरी ओर, कुछ कंपनियों के शेयरों ने बाजार को आंशिक सहारा दिया। महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस प्रमुख लाभ में रहने वाले शेयरों में शामिल रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव भरा सत्र देखने को मिला। उन्होंने बताया कि वैश्विक कमजोरी, जियोपॉलिटिकल तनाव और चुनाव के बाद की उम्मीदों में कमी के कारण बाजार सेंटिमेंट प्रभावित हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से रुपये पर दबाव बना, जिससे वह रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। हालांकि मौजूदा अर्निंग्स सीजन के नतीजे उम्मीद से थोड़े बेहतर रहे, जिससे बाजार को कुछ समर्थन मिला और चुनिंदा खरीदारी भी देखने को मिली।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 113 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रही थीं, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को दर्शाती हैं।

कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव, तेल की बढ़ती कीमतें और मुद्रा बाजार में कमजोरी ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई।

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