व्यापार

शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार कमजोर, सेंसेक्स 235 अंक गिरा; वित्तीय शेयरों पर दबाव

Kavita2
7 Aug 2026 12:33 PM IST
शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार कमजोर, सेंसेक्स 235 अंक गिरा; वित्तीय शेयरों पर दबाव
x

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के दबाव के चलते प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

शुरुआती कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 235.36 अंक गिरकर 78,699.80 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों वाला निफ्टी भी 24.30 अंक की गिरावट के साथ 24,608.25 पर कारोबार कर रहा था।

बाजार में गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली को माना जा रहा है। बैंकिंग और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई।

सेंसेक्स में शामिल प्रमुख शेयरों में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल और एटरनल में गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा।

इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक देश है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि का असर घरेलू बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। महंगे कच्चे तेल से मुद्रास्फीति और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक इस समय वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। इन कारकों के आधार पर बाजार की दिशा तय हो सकती है।

हाल के दिनों में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। जहां कुछ क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है, वहीं वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू स्तर पर कुछ चुनौतियों के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ चुनिंदा क्षेत्रों के शेयरों में मजबूती रही, लेकिन वित्तीय शेयरों की कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।

बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है, क्योंकि ब्याज दरों, कर्ज वृद्धि और वित्तीय प्रदर्शन से जुड़े संकेत बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के शेयरों में गिरावट से पूरे वित्तीय सूचकांक पर असर पड़ा।

विदेशी बाजारों से मिले संकेत भी घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर आर्थिक गतिविधियों, अमेरिकी बाजारों की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों को लेकर निवेशक सतर्क हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे वाली कंपनियों में निवेश के अवसर बने रह सकते हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ रुपये की चाल भी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है। तेल आयात महंगा होने पर चालू खाते और महंगाई पर असर पड़ सकता है, जिसका असर शेयर बाजार की धारणा पर भी पड़ता है।

निवेशक अब आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के प्रदर्शन और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखेंगे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा स्थिति में सावधानी और कंपनियों के मूलभूत प्रदर्शन के आधार पर निवेश निर्णय लेना महत्वपूर्ण होगा।

शुक्रवार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी में आई गिरावट ने एक बार फिर दिखाया कि घरेलू शेयर बाजार वैश्विक और घरेलू दोनों कारकों से प्रभावित हो रहा है। आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा निवेशकों की धारणा और आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी।

Next Story