
Mumbai मुंबई : गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 160.24 अंक गिरकर 77,798.28 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 30.25 अंक टूटकर 24,300.70 पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले बुधवार को बाजार में देर सत्र में मजबूत तेजी देखने को मिली थी, जिसमें सेंटीमेंट में बड़ा बदलाव दर्ज किया गया।
बुधवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स में जोरदार उछाल देखा गया था। निफ्टी 298.15 अंक यानी 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,330.95 पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 940.73 अंक यानी 1.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,958.52 पर बंद हुआ था। यह तेजी मुख्य रूप से ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण आई थी।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी ने हाल ही में 24,300 के स्तर के आसपास एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस को पार किया था, जिससे बाजार में मजबूती का संकेत मिला था। विश्लेषकों का कहना है कि 24,000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम कर रहा है, जो 21-DMA और 50-DMA के साथ भी मेल खाता है।
तकनीकी विश्लेषण में यह भी बताया गया है कि निफ्टी ने डेली चार्ट पर सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न से ब्रेकआउट दिया है, जो शॉर्ट-टर्म में बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में निफ्टी 24,500 के स्तर तक पहुंच सकता है, यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है।
बुधवार की तेजी के पीछे एक और बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत में प्रगति की रिपोर्ट्स भी थीं। इन खबरों के चलते वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।
हालांकि गुरुवार की शुरुआत में मुनाफावसूली और अनिश्चित वैश्विक संकेतों के कारण बाजार पर दबाव देखा गया। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन मजबूत सपोर्ट लेवल और वैश्विक संकेतों के आधार पर आगे की दिशा तय होगी। कच्चे तेल की कीमतें, अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक घटनाक्रम और घरेलू आर्थिक आंकड़े आने वाले दिनों में बाजार की चाल पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।
फिलहाल निवेशक सावधानी के साथ ट्रेडिंग कर रहे हैं और बाजार में मिश्रित रुझान देखने को मिल रहा है, जिसमें तेजी और गिरावट दोनों के संकेत समय-समय पर उभर रहे हैं।





