
व्यापार | भारतीय शेयर बाजार में फिर से रौनक लौट आई है, और इसका प्रमुख कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का बढ़ता निवेश है। मार्च में एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार से 3,973 करोड़ रुपये निकाले थे, लेकिन इसके बाद 21 मार्च से 28 मार्च तक के छह कारोबारी सत्रों में उन्होंने 30,927 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे बाजार में नई जान आ गई।
एफपीआई का निवेश शेयर बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि यह विदेशी विश्वास को दर्शाता है। पिछले कुछ महीनों में गिरावट के बाद अब एफपीआई ने भारतीय बाजार में निवेश करना शुरू कर दिया है, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूती देखने को मिल रही है।
विदेशी निवेशकों की भूमिका
विदेशी निवेशकों के लिए भारत अभी भी एक आकर्षक बाजार बना हुआ है, और उनका बढ़ता निवेश भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। एफपीआई के इस निवेश से न केवल शेयर बाजार में मजबूती आई है, बल्कि भारतीय कंपनियों की वैल्यूएशन भी बेहतर हुई है।
निष्कर्ष
शेयर बाजार में इस रौनक की वापसी से यह साफ है कि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में आत्मविश्वास से लौटे हैं और भविष्य में भी उनके निवेश में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, इसमें बाजार की स्थिति और वैश्विक आर्थिक कारकों का बड़ा योगदान रहेगा।





