
मुंबई : भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिला। एशियाई बाजारों में कमजोरी और कुछ प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली के दबाव के चलते घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों की सतर्कता के बीच बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव सीमित रहा।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 69.86 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,765.92 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 10.60 अंक यानी 0.04 प्रतिशत फिसलकर 23,985.35 अंक पर पहुंच गया। बाजार में बड़ी तेजी या बड़ी गिरावट नहीं देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक एक सीमित दायरे में बने रहे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों में कमजोरी और घरेलू स्तर पर कुछ प्रमुख क्षेत्रों में बिकवाली ने निवेशकों के उत्साह को प्रभावित किया। हालांकि, गिरावट सीमित रही और कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने बाजार को संभालने का काम किया।
एशियाई बाजारों की कमजोरी का असर
भारतीय बाजारों पर मंगलवार को एशियाई बाजारों में दिखी कमजोरी का असर पड़ा। वैश्विक बाजारों में निवेशकों की सतर्कता के कारण घरेलू बाजार में भी खरीदारी का रुख कमजोर रहा।
विदेशी बाजारों में आर्थिक संकेतों, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों और कॉरपोरेट नतीजों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। इसका असर भारतीय बाजार की चाल पर भी दिखाई दिया।
PSU बैंक, FMCG और केमिकल शेयरों में दबाव
मंगलवार के कारोबार में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU Bank), एफएमसीजी और केमिकल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इन क्षेत्रों में कमजोरी ने बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बनाया।
निफ्टी में गिरावट दर्ज कराने वाले प्रमुख शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और कोल इंडिया शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में कमजोरी का असर निफ्टी के प्रदर्शन पर पड़ा।
हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे बड़े एफएमसीजी शेयरों में गिरावट से उपभोक्ता क्षेत्र के प्रति निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। वहीं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और कोल इंडिया में कमजोरी ने भी बाजार की गति को सीमित किया।
सीमित दायरे में रहा कारोबार
पूरे कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव सीमित रहा। निवेशकों ने बड़े दांव लगाने से बचते हुए सतर्क रुख अपनाया। बाजार में खरीदारी और बिकवाली के बीच संतुलन बना रहा, जिसके कारण सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बदलाव देखने को मिला।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में निवेशक घरेलू आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के तिमाही परिणामों और वैश्विक बाजारों की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं। इन संकेतों के आधार पर आने वाले दिनों में बाजार की चाल तय हो सकती है।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
शेयर बाजार में आगे की दिशा तय करने में वैश्विक घटनाक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े आर्थिक संकेतों के अलावा घरेलू स्तर पर कंपनियों के प्रदर्शन और नीतिगत फैसलों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कंपनी के मूलभूत प्रदर्शन और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। वहीं, अल्पकालिक कारोबार करने वाले निवेशक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी बरत रहे हैं।
मंगलवार का कारोबार कुल मिलाकर शांत रहा, जहां प्रमुख सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी में आई हल्की कमजोरी के बावजूद बाजार में कोई बड़ा दबाव नहीं दिखा।





