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शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा चढ़ा

nidhi
5 Oct 2026 11:27 AM IST
शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा चढ़ा
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बैंकिंग शेयर बने सहारा
बिजनेस डेस्क: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 5 अक्टूबर को मजबूत शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी ने 22,500 का स्तर पार कर लिया।
बीएसई सेंसेक्स 72,340.95 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 400 अंक से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं एनएसई निफ्टी 50 ने करीब 22,532 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की। बाजार की तेजी में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों की बड़ी भूमिका रही। खासतौर पर सरकारी बैंक शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत तक मजबूत हुआ।
पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे सरकारी बैंक शेयरों में तेजी दर्ज की गई। पंजाब नेशनल बैंक के शेयर में करीब 2.8 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। बैंक ने सितंबर तिमाही में ग्लोबल एडवांस में सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर में करीब 2.5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। बैंक के तिमाही एडवांस में करीब 18 प्रतिशत की वृद्धि की जानकारी सामने आने के बाद शेयर में खरीदारी बढ़ी। निजी क्षेत्र के बैंकिंग और वित्तीय शेयर भी बाजार को सहारा देते दिखाई दिए। एचडीएफसी बैंक के शेयर में तेजी दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस भी प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा।
बाजार की तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को भी महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड करीब 101 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है।
कच्चे तेल की कीमतें कम होने से देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की संभावना रहती है। इसी वजह से तेल की कीमतों में नरमी का असर शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर भी दिखाई दिया।
अमेरिका से आए रोजगार आंकड़ों ने भी वैश्विक बाजारों को राहत दी। कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से आक्रामक तरीके से ब्याज दर बढ़ाने की आशंका कम हुई है। इसका असर उभरते बाजारों के प्रति निवेशकों के रुख पर पड़ा। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बैंकिंग और फाइनेंशियल के अलावा एनर्जी, ऑयल एंड गैस, रियल्टी और एफएमसीजी समेत कई सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। आईटी शेयरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती दर्ज की गई।
इसके उलट फार्मा, हेल्थकेयर और ऑटो सेक्टर के कुछ शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। निफ्टी 50 के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, आईटीसी, कोल इंडिया, श्रीराम फाइनेंस और एनटीपीसी जैसे शेयर शामिल रहे। वहीं अपोलो हॉस्पिटल्स, मैक्स हेल्थकेयर, सिप्ला और कुछ अन्य शेयरों में दबाव दिखाई दिया।
व्यापक बाजार में भी निवेशकों का रुख सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.6 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 0.8 प्रतिशत मजबूत हुआ। एनएसई पर बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों से ज्यादा रही। आज से भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक भी शुरू हो रही है। आरबीआई की मौद्रिक नीति का फैसला 7 अक्टूबर को सामने आएगा। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की नजर आरबीआई के फैसले और ब्याज दरों को लेकर उसके रुख पर रहेगी।
पिछले कई हफ्तों से भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड का दबाव रहा है। लगातार आठ सप्ताह की गिरावट के बाद सोमवार को बाजार ने मजबूत वापसी की कोशिश की है। हालांकि शुरुआती तेजी के बावजूद दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कच्चे तेल की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, अमेरिकी बाजार और आरबीआई की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत निवेशकों की नजर में बने रहेंगे।
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