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शेयर बाजार में गिरावट: FII बिकवाली से सेंसेक्स-निफ्टी टूटे
Tara Tandi
1 Oct 2026 12:03 PM IST

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मुंबई: गुरुवार को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। विदेशी फंड की लगातार निकासी और ऑटो व सीमेंट शेयरों में गिरावट इसका मुख्य कारण रही। सेंसेक्स 287.39 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 72,192.89 पर खुला। निफ्टी ने 76.75 अंक या 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,543.70 पर कारोबार शुरू किया।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी ऑटो, निफ्टी सीमेंट, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी हेल्थकेयर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई; शुरुआती कारोबार में इनमें 2.76 प्रतिशत तक की गिरावट आई। एनर्जी, मेटल और फार्मा इंडेक्स में भी 0.86 प्रतिशत से 0.95 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी ओर, निफ्टी आईटी में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी 0.60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली के कारण बाज़ार दबाव में रहा।
अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार पांचवें सत्र में शुद्ध बिकवाली की और 10,148 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर बेचे।
वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और सत्र के दौरान 11,271 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।
जानकारों का कहना है कि FIIs की लगातार बिकवाली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण निकट भविष्य में लार्ज-कैप शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। उन्होंने बताया कि सितंबर में FIIs ने एक्सचेंजों के ज़रिए 45,536 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि प्राइमरी मार्केट के ज़रिए 9,676 करोड़ रुपये का निवेश किया।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि निकट भविष्य में बाज़ार का रुख 'साइडवेज' से 'बेयरिश' (गिरावट वाला) रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 22,500-22,550 के आसपास और रेजिस्टेंस 22,800-22,900 के स्तर पर है। उन्होंने कहा कि अगर कीमत रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर बनी रहती है तो सेंटीमेंट बेहतर हो सकता है, जबकि सपोर्ट लेवल के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।
विश्लेषकों ने कच्चे तेल की कीमतों पर भी नज़र रखने की बात कही और बताया कि अगर ब्रेंट क्रूड की कीमत $98 प्रति बैरल से नीचे आती है, तो बाज़ार को कुछ राहत मिल सकती है।
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