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‘स्टारलिंक का स्वागत, भारतीय कानून सबके लिए’, रिलायंस ने जारी किया बयान

nidhi
16 Oct 2026 11:37 AM IST
‘स्टारलिंक का स्वागत, भारतीय कानून सबके लिए’, रिलायंस ने जारी किया बयान
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स्टारलिंक विवाद पर रिलायंस का जवाब
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भारत में स्टारलिंक की सेवाएं शुरू होने में देरी को लेकर एलन मस्क की टिप्पणियों पर अपना पक्ष रखा है। कंपनी ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को जारी बयान में कहा कि वह सैटेलाइट संचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है, जिसमें स्टारलिंक भी शामिल है। रिलायंस ने जोर दिया कि सभी कंपनियों को भारत के कानूनों और नीतियों का पालन करना चाहिए।
कंपनी ने कहा, “हम कभी प्रतिस्पर्धा से नहीं डरे।” उसके मुताबिक, प्रतिस्पर्धा इस बात की कसौटी है कि ग्राहकों को बेहतर सेवा कौन देता है। रिलायंस ने यह भी स्पष्ट किया कि जियो की अपनी सैटेलाइट सेवाओं को भी जरूरी मंजूरियों का इंतजार है। कंपनी ने भारतीय और विदेशी आवेदकों के लिए समान प्रक्रिया अपनाए जाने की सरकारी स्थिति का उल्लेख किया।
रिलायंस ने अपने बयान में जियो के दूरसंचार बाजार में प्रवेश का उदाहरण दिया। कंपनी ने कहा कि जियो ने 2016 में ऐसे बाजार में शुरुआत की थी, जहां पहले से कई कंपनियां मौजूद थीं। उसके अनुसार, शुरुआत में एक भी ग्राहक नहीं होने के बावजूद जियो ने दस वर्षों में 53 करोड़ से अधिक ग्राहकों का भरोसा हासिल किया। ये आंकड़े और सेवाओं की गुणवत्ता संबंधी बातें कंपनी ने अपने पक्ष में रखी हैं।
यह प्रतिक्रिया मस्क के उन आरोपों के बाद आई है, जिनमें उन्होंने कुछ प्रभावशाली कारोबारी हितों को स्टारलिंक की भारत में शुरुआत रोकने के लिए जिम्मेदार बताया था। उन्होंने मुकेश अंबानी पर भी टिप्पणियां की थीं। मस्क का तर्क था कि अधिक प्रतिस्पर्धा से भारतीय उपभोक्ताओं को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। हालांकि, किसी कारोबारी द्वारा मंजूरी रोके जाने का उनका आरोप स्थापित तथ्य नहीं है। केंद्र सरकार पहले ही इन आरोपों को खारिज कर चुकी है। सरकार का कहना है कि सैटेलाइट संचार सेवाओं की अनुमति संबंधी व्यवस्था निष्पक्ष और भेदभावरहित है। संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने बताया था कि गृह मंत्रालय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहा है।
स्टारलिंक को दूरसंचार विभाग का ऑपरेटर लाइसेंस और अंतरिक्ष नियामक इन-स्पेस से संबंधित अनुमति मिल चुकी है। इसके बावजूद वाणिज्यिक सेवाएं शुरू करने के लिए बाकी सुरक्षा शर्तों और अंतिम मंजूरियों का पूरा होना आवश्यक है। इसी तरह जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और भारती समर्थित यूटेलसैट वनवेब भी इस क्षेत्र में सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया में हैं। रिलायंस के ताजा बयान का मुख्य संदेश है कि वह स्टारलिंक सहित नए प्रतिस्पर्धियों का स्वागत करती है, लेकिन जियो समेत प्रत्येक कंपनी को समान कानूनी और नीतिगत दायरे में काम करना होगा। फिलहाल इस बयान में स्टारलिंक या जियो की सैटेलाइट सेवाओं की व्यावसायिक शुरुआत की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।
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