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सोने में नरमी से त्योहारी खरीदारी को सहारा, इंडो-वेस्टर्न ज्वैलरी पर नजर

nidhi
28 Oct 2026 10:08 AM IST
सोने में नरमी से त्योहारी खरीदारी को सहारा, इंडो-वेस्टर्न ज्वैलरी पर नजर
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चांदनी चौक में बिक्री बढ़ने का दावा
नई दिल्ली: करवाचौथ और धनतेरस के अवसर पर आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए सोने की कीमतों में नरमी राहत का अवसर बन सकती है। उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, दिल्ली के चांदनी चौक में इंडो-वेस्टर्न ज्वैलरी की मांग के साथ गहनों की बिक्री में करीब 12 प्रतिशत बढ़ोतरी का दावा किया गया है। इस आंकड़े की अवधि, तुलना के आधार और संबंधित व्यापारी संगठन की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे पूरे बाजार की प्रमाणित वृद्धि मानने से पहले पुष्टि जरूरी है। त्योहारी खरीदारी में कीमत के साथ डिजाइन, वजन और इस्तेमाल की जरूरत भी अहम होती है। कोई परिवार करवाचौथ के लिए उपहार खरीदता है, तो कोई धनतेरस पर छोटी खरीदारी से परंपरा निभाना चाहता है। ऐसे में बजट के भीतर आने वाले आभूषण खरीदारों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। कीमत घटने का वास्तविक फायदा कितना मिलेगा, यह गहने की शुद्धता, वजन और बनवाई शुल्क पर निर्भर करेगा।
पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन का मेल
इंडो-वेस्टर्न ज्वैलरी में भारतीय आभूषणों की पहचान के साथ आधुनिक डिजाइन का मेल होता है। इसमें पारंपरिक आकृतियों को अपेक्षाकृत सरल रूप दिया जा सकता है। छोटे पेंडेंट, हल्के झुमके, अंगूठियां, ब्रेसलेट और कम फैलाव वाले हार इस शैली के उदाहरण हैं। इनका चयन करते समय पहनावे के साथ रोजमर्रा के उपयोग को भी ध्यान में रखा जा सकता है। ऐसे गहनों की उपयोगिता यह है कि उन्हें साड़ी या सूट के साथ-साथ आधुनिक परिधानों के साथ भी पहना जा सकता है। हालांकि, चांदनी चौक में कौन-सी डिजाइन सबसे अधिक बिक रही है, इसका प्रमाणित विवरण उपलब्ध नहीं है। किसी खास डिजाइन को बाजार का सबसे लोकप्रिय विकल्प बताने के लिए दुकानदारों के बिक्री रिकॉर्ड या स्पष्ट बयान की जरूरत होगी।
बिक्री में वृद्धि का आधार समझना जरूरी
गहनों की बिक्री में 12 प्रतिशत बढ़ोतरी का दावा अपने आप में पूरी तस्वीर नहीं बताता। यह स्पष्ट होना चाहिए कि तुलना पिछले वर्ष के समान त्योहारी दिनों से की गई है या पिछले महीने से। साथ ही, वृद्धि कुल कारोबार की रकम में हुई है, बिके आभूषणों की संख्या में या सोने के वजन में—इन तीनों का अर्थ अलग है। उदाहरण के लिए, अधिक कीमत वाली वस्तुओं की बिक्री से कारोबार का मूल्य बढ़ सकता है, जबकि खरीदे गए सोने का वजन समान रह सकता है। इसी तरह छोटी अंगूठियां या पेंडेंट अधिक बिकने से ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए बाजार की स्थिति समझने के लिए बिक्री मूल्य, वजन और खरीदारों की संख्या को अलग-अलग देखना उपयोगी होगा।
कीमत में राहत के साथ कुल खर्च पर नजर
सोना खरीदते समय केवल प्रति दस ग्राम की घोषित कीमत देखकर फैसला करना पर्याप्त नहीं है। तैयार आभूषण की अंतिम कीमत में बनवाई, पत्थरों या अन्य सजावटी सामग्री की लागत और लागू कर शामिल हो सकते हैं। जटिल डिजाइन वाला कम वजन का गहना भी अधिक बनवाई के कारण अपेक्षा से महंगा पड़ सकता है। खरीदार दो या अधिक दुकानों पर समान शुद्धता और लगभग समान वजन वाले गहनों की अंतिम कीमत की तुलना कर सकते हैं। बनवाई पर छूट का प्रस्ताव मिले तो उसकी शर्तें समझना भी जरूरी है। छूट किस रकम पर लागू होगी और अंतिम भुगतान कितना होगा, यह खरीदारी से पहले स्पष्ट कर लेना चाहिए। इससे बजट के भीतर सही विकल्प चुनना आसान होगा।
हॉलमार्क और विस्तृत बिल की जांच
डिजाइन पसंद आने के बाद गहने की शुद्धता जांचना अगला जरूरी कदम है। हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण पर बीआईएस चिह्न, कैरेट एवं फाइननेस में शुद्धता और छह अंकों-अक्षरों वाला एचयूआईडी कोड देखा जा सकता है। उपभोक्ता बीआईएस केयर ऐप के ‘वेरिफाई एचयूआईडी’ विकल्प से इसकी जानकारी जांच सकते हैं। खरीदारी का विस्तृत बिल संभालकर रखना भी जरूरी है। बीआईएस के दिशानिर्देशों के अनुसार, बिल में प्रत्येक वस्तु का विवरण, कीमती धातु का शुद्ध वजन, कैरेट और फाइननेस में शुद्धता तथा हॉलमार्किंग शुल्क अलग दर्ज होना चाहिए। पत्थर जड़े आभूषणों में सोने के वजन और दूसरे हिस्सों की लागत को समझना विशेष रूप से उपयोगी है।
उपहार और भविष्य के उपयोग का रखें ध्यान
त्योहारी उपहार के लिए आभूषण चुनते समय उसे पहनने वाले व्यक्ति की पसंद और सुविधा को प्राथमिकता दी जा सकती है। केवल आकर्षक दिखने वाला गहना खरीदने के बजाय उसका वजन, मजबूती, क्लैस्प और पहनने में आसानी भी देखनी चाहिए। ऑनलाइन दिखाई गई डिजाइन पसंद करने पर दुकान में वास्तविक आकार और फिनिश की जांच उपयोगी होगी। पुराने गहने बदलकर नए खरीदने की स्थिति में पुरानी वस्तु का वजन, जांच के बाद तय शुद्धता और मिलने वाली रकम लिखित रूप में लें। नए गहने की वापसी या अदला-बदली की शर्तें भी पहले समझें। त्योहार पर खरीदारी का निर्णय तभी संतोषजनक होगा, जब पसंदीदा डिजाइन के साथ कीमत और गुणवत्ता की जानकारी स्पष्ट हो। चांदनी चौक की बिक्री संबंधी दावे की पुष्टि होने पर उससे बाजार की वास्तविक त्योहारी तस्वीर और साफ हो सकेगी।
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