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IPO सेक्टर में सुस्ती जारी, नई लिस्टिंग में आई कमी

Kanchan Paikara
16 Jun 2026 7:06 PM IST
IPO सेक्टर में सुस्ती जारी, नई लिस्टिंग में आई कमी
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बाजार में स्थिरता लौटेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा,

New Delhi नई दिल्ली : घरेलू शेयर बाजार में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) गतिविधियों में वर्ष 2026 के दौरान सुस्ती देखने को मिल रही है। जबकि वर्ष 2025 में IPO बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया था, 2026 में अब तक जारी उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के माहौल ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।

एक ताजा वित्तीय सेवा फर्म की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 23 कंपनियों ने IPO के जरिए कुल 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में नई लिस्टिंग की गति धीमी पड़ी है।

वर्ष 2025 IPO बाजार के लिए एक मजबूत साल साबित हुआ था। उस दौरान 103 कंपनियों ने मिलकर लगभग 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। इस तुलना से यह साफ दिखता है कि निवेशकों की सक्रिय भागीदारी और बाजार में भरोसा 2025 में अधिक मजबूत था।

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में IPO गतिविधियों में आई गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक और घरेलू दोनों स्तर पर बनी अनिश्चितता है। बाजार में तेज उतार-चढ़ाव, ब्याज दरों को लेकर अस्थिरता और आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसी कारण कंपनियां भी बड़े IPO लॉन्च करने में हिचकिचा रही हैं।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, IPO केवल कंपनियों की फंड जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह निवेशकों के भरोसे और बाजार के स्थिर माहौल पर भी निर्भर करता है। जब बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं, जिससे IPO की मांग पर सीधा असर पड़ता है।

इसके अलावा, कुछ कंपनियां अपने IPO को बेहतर समय के लिए टाल रही हैं, ताकि उन्हें अधिक मूल्यांकन और बेहतर सब्सक्रिप्शन मिल सके। यह भी 2026 में IPO गतिविधियों की धीमी रफ्तार का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह स्थिति अस्थायी हो सकती है। जैसे ही बाजार में स्थिरता लौटेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, IPO गतिविधियों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। भारत का इक्विटी बाजार लंबे समय में मजबूत माना जाता है, इसलिए आने वाले समय में कंपनियों की लिस्टिंग फिर से बढ़ सकती है।

कुल मिलाकर, वर्ष 2026 में IPO बाजार ने अब तक कमजोर प्रदर्शन किया है, जबकि 2025 की तुलना में इसमें स्पष्ट गिरावट देखने को मिली है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले महीनों में बाजार किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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