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दिवाली पर शेयर बाजार में हल्की गिरावट, सेंसेक्स 81 हजार के नीचे बंद

Ratna Netam
8 Nov 2026 7:28 PM IST
दिवाली पर शेयर बाजार में हल्की गिरावट, सेंसेक्स 81 हजार के नीचे बंद
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मुंबई। दीपावली के अवसर पर रविवार, 8 नवंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में आयोजित विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र का कारोबार गिरावट के साथ समाप्त हुआ। कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी, लेकिन अंतिम घंटों में बिकवाली के दबाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 28.62 अंक यानी 0.04 प्रतिशत गिरकर 80,999.40 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 43.95 अंक यानी 0.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,986.40 के स्तर पर आ गया।हालांकि, प्रमुख सूचकांकों में मामूली गिरावट के बावजूद बाजार को लेकर सकारात्मक संकेत भी देखने को मिले। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की भारतीय शेयर बाजार में वापसी और कंपनियों की बेहतर तिमाही कमाई की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा। नए संवत 2083 की शुरुआत के साथ बाजार में निवेशकों की नजर आने वाले वर्ष के कारोबारी रुझानों पर टिकी हुई है।
शुरुआती तेजी के बाद बाजार में आई बिकवाली
मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। बीएसई सेंसेक्स 81,299.34 के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान बढ़त दर्ज करते हुए 81,442.11 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 भी 25,070.45 पर खुला और सत्र के दौरान 25,131.85 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया।शुरुआती कारोबार में निवेशकों की खरीदारी से बाजार में उत्साह दिखाई दिया, लेकिन बाद में बैंकिंग, आईटी, रियल्टी और एफएमसीजी शेयरों में कमजोरी आने लगी। इससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा और शुरुआती बढ़त समाप्त हो गई।कारोबार के अंत में सेंसेक्स 80,999.40 और निफ्टी 24,986.40 पर बंद हुआ। इस तरह दोनों सूचकांक शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख सके।
9 साल बाद मुहूर्त ट्रेडिंग में लाल निशान पर बंद हुए बाजार
इस साल की मुहूर्त ट्रेडिंग इसलिए भी चर्चा में रही, क्योंकि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नौ साल बाद दिवाली के विशेष कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। इससे पहले वर्ष 2017 में भी मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान प्रमुख सूचकांक नुकसान में रहे थे।इससे पहले लगातार छह कारोबारी सत्रों से बाजार में तेजी बनी हुई थी। पिछले सप्ताह सेंसेक्स में लगभग 6,569 अंकों की बढ़त दर्ज की गई थी, जबकि निफ्टी में करीब 9 प्रतिशत की तेजी आई थी।लगातार तेजी के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली को भी रविवार की गिरावट की एक वजह माना जा रहा है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, तेज रैली के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करना बेहतर समझा।
विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी
मुहूर्त ट्रेडिंग के बीच सबसे महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ओर से खरीदारी बढ़ना रहा। पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की गतिविधियों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला।रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने लगातार पांच कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयरों में लगभग 45,961 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह करीब 4.89 अरब डॉलर के बराबर है। इस दौरान विदेशी निवेशकों की एक दिन की खरीदारी लगभग छह वर्षों में सबसे बड़ी बताई गई।विदेशी निवेशकों की वापसी से भारतीय शेयर बाजार में निवेश धारणा को समर्थन मिला है। इससे पहले विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली घरेलू शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी।विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी निवेश में सुधार के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव और भारतीय कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद जैसे कारण महत्वपूर्ण रहे हैं।
फार्मा और मीडिया शेयरों में रही खरीदारी
मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान अलग-अलग सेक्टरों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। फार्मा, हेल्थकेयर और मीडिया शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया, जबकि बैंकिंग और आईटी शेयरों में कमजोरी रही।निफ्टी 50 में सन फार्मा सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसके शेयरों में 2.96 प्रतिशत की तेजी आई। टाटा स्टील में 2.09 प्रतिशत और ओएनजीसी में 1.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।इसके अलावा अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।दूसरी ओर, एसबीआई लाइफ, इंटरग्लोब एविएशन, भारती एयरटेल, मैक्स हेल्थकेयर और इंफोसिस जैसे शेयर नुकसान में रहे। सेक्टर के स्तर पर निफ्टी मीडिया में 1.84 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा में 1.70 प्रतिशत की तेजी आई। वहीं, निफ्टी रियल्टी और आईटी सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
निवेशकों की संपत्ति में भी हुआ इजाफा
प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार में खरीदारी का रुझान सकारात्मक रहा। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया।इससे पता चलता है कि सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के बावजूद कई अन्य कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने खरीदारी की। छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में भी गतिविधियां देखने को मिलीं।
नए संवत 2083 में बाजार से क्या हैं उम्मीदें?
मुहूर्त ट्रेडिंग के साथ हिंदू कारोबारी कैलेंडर के नए वर्ष संवत 2083 की शुरुआत हो गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्ष में कंपनियों की कमाई में वृद्धि बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।बाजार विशेषज्ञ अविनाश अग्रवाल के अनुसार, नए संवत में बाजार का दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन निवेशकों को बहुत अधिक तेजी की उम्मीद करने के बजाय चुनिंदा कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर बैलेंस शीट और लगातार नकदी प्रवाह वाली कंपनियां निवेशकों की पसंद बन सकती हैं।कुल मिलाकर, दिवाली के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट के बावजूद विदेशी निवेशकों की वापसी, फार्मा और मीडिया शेयरों में तेजी तथा व्यापक बाजार में खरीदारी ने उम्मीद के संकेत दिए हैं। नए संवत में बाजार की आगे की चाल कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेश और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
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