व्यापार
एसआईपी निवेश बीते नौ वर्षों में आठ गुना बढ़कर 28,265 करोड़ रुपए हुआ: रिपोर्ट
jantaserishta.com
12 Sept 2025 3:11 PM IST

x
नई दिल्ली: सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) भारतीयों के लिए बीते कुछ वर्षों में एक लोकप्रिय निवेश साधन बनकर उभरा है। इस कारण एसआईपी निवेश में बीते नौ वर्षों में आठ गुना की बढ़ोतरी हुई है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में शुक्रवार को दी गई।
व्हाइटओक कैपिटल म्युचूअल फंड की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2016 में कुल एसआईपी इनफ्लो 3,497 करोड़ रुपए था, जो कि अगस्त 2025 में बढ़कर 28,265 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि यह लगातार बढ़ोतरी एसआईपी और अनुशासित निवेश में बढ़ते लोगों के विश्वास को दिखाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 1996 से लेकर अगस्त 2025 के बीच एसआईपी ने अधिकतम 55.6 प्रतिशत और न्यूनतम -24.6 प्रतिशत का रिटर्न जनरेट किया है। वहीं, इस दौरान औसत रिटर्न 14-16 प्रतिशत का रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, एसआईपी में जितनी अधिक आपकी निवेश अवधि होगी, उतना ही सकारात्मक रिटर्न प्राप्त करने की आपकी संभावना होगी। साथ ही बताया कि मार्केट में टाइमिंग नहीं, ज्यादा समय निवेशित रहने पर अच्छा रिटर्न मिलता है।
अगर मार्केट में उच्च स्तर पर भी आप एसआईपी शुरू करते हैं और लंबे समय तक निवेशित रहते हैं तो आप अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी निवेशक ने वैश्विक वित्तीय संकट से ठीक पहले जनवरी 2008 में 10,000 रुपये मासिक एसआईपी शुरू की होती, तो भी उसका 21.2 लाख रुपए का निवेश अगस्त 2025 तक लगभग 13 प्रतिशत की एक्सआईआरआर (विस्तारित आंतरिक रिटर्न दर) पर 75.23 लाख रुपए का हो गया होता।
रिपोर्ट में कहा गया कि निवेशक महीने की किस तारीख को निवेश करता है। इस बात से लंबी अवधि में रिटर्न में बहुत अधिक अंतर नहीं आता है। रिपोर्ट के मुताबिक, लंबी अवधि में मिड-कैप ने एसआईपी में लार्ज-कैप और स्मॉल-कैप श्रेणियों की तुलना में बेहतर औसत रिटर्न प्रदान किया है और यह 17.4 प्रतिशत रहा है, जबकि लार्ज-कैप के लिए यह 13 प्रतिशत और स्मॉल-कैप के लिए 14.7 प्रतिशत रहा है।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





