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प्याज की कीमतों में गिरावट के संकेत, 9 दिनों में थोक भाव 9% घटे; खुदरा दाम कम होने की उम्मीद

Kavita2
16 Sept 2026 5:09 PM IST
प्याज की कीमतों में गिरावट के संकेत, 9 दिनों में थोक भाव 9% घटे; खुदरा दाम कम होने की उम्मीद
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नई दिल्ली: प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान आम लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में प्याज के खुदरा दामों में कमी आ सकती है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बुधवार को बताया कि पिछले 9 दिनों में देश के प्रमुख थोक बाजारों में प्याज की कीमतों में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

सरकार का कहना है कि थोक बाजार में कीमतों में आई कमी का असर जल्द ही खुदरा बाजारों में भी दिखाई दे सकता है। इससे आम उपभोक्ताओं को महंगे प्याज से राहत मिलने की उम्मीद है।

थोक बाजारों में कम हुए प्याज के दाम

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के अनुसार, प्याज की आपूर्ति और बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में थोक बाजारों में प्याज की कीमतों में गिरावट आई है।

सरकार को उम्मीद है कि जैसे-जैसे बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ेगी, वैसे-वैसे खुदरा कीमतों में भी कमी आ सकती है।

अभी भी ऊंचे स्तर पर खुदरा भाव

हालांकि प्याज की कीमतों में गिरावट के संकेत मिले हैं, लेकिन आम ग्राहकों को अभी भी महंगे प्याज से राहत नहीं मिली है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को देशभर में प्याज की औसत खुदरा कीमत ₹53.92 प्रति किलोग्राम रही। यह कीमत एक महीने पहले के मुकाबले करीब 48 प्रतिशत अधिक है, जबकि एक साल पहले की तुलना में इसमें लगभग 94 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

यानी थोक बाजार में गिरावट शुरू होने के बावजूद खुदरा बाजार तक इसका पूरा असर पहुंचने में कुछ समय लग सकता है।

अगस्त में बढ़ी प्याज की महंगाई

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में प्याज की महंगाई दर बढ़कर 48.27 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। इससे पहले जुलाई में प्याज की महंगाई दर 22.54 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें उत्पादन में कमी, आपूर्ति में बदलाव और बाजार में उपलब्धता से जुड़ी परिस्थितियां शामिल हैं।

सरकार ने शुरू की सस्ती प्याज बिक्री

प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने पिछले महीने कदम उठाते हुए ₹35 प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की बिक्री शुरू की थी।

सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे सस्ते प्याज का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को राहत देना और बाजार में कीमतों को नियंत्रित करना है।

इसके लिए विभिन्न स्थानों पर सरकारी एजेंसियों के माध्यम से प्याज की बिक्री की जा रही है।

आपूर्ति बढ़ाने पर सरकार का जोर

सरकार प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है।

अधिकारियों का कहना है कि बाजार में पर्याप्त मात्रा में प्याज उपलब्ध कराने और जमाखोरी जैसी गतिविधियों पर नजर रखने से कीमतों में स्थिरता लाने में मदद मिलेगी।

किसानों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन की कोशिश

प्याज की कीमतों को नियंत्रित करना सरकार के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, क्योंकि इसमें किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों का ध्यान रखना होता है।

जहां ज्यादा कीमत से उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ता है, वहीं बहुत कम कीमत किसानों की आय को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सरकार बाजार में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद

उपभोक्ता मामलों के विभाग का मानना है कि थोक बाजार में आई गिरावट का असर धीरे-धीरे खुदरा बाजारों में दिखाई देगा।

यदि प्याज की आवक बेहतर रहती है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी रहती है तो आने वाले दिनों में ग्राहकों को सस्ती कीमतों पर प्याज मिलने की संभावना है।

फिलहाल सरकार प्याज की कीमतों और बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आम लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में प्याज के बढ़े हुए दामों से राहत मिलेगी।

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