व्यापार
24 हजार करोड़ की शॉपिंग: फेस्टिव सेल में ई-कॉमर्स कंपनियों की चांदी
Tara Tandi
11 Oct 2026 7:53 PM IST

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नई दिल्ली: एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के प्रमुख ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस में फेस्टिव शॉपिंग सीज़न की ज़बरदस्त शुरुआत हुई। पहले दो दिनों में ही अनुमानित 24,000 करोड़ रुपये की बिक्री हुई, क्योंकि ग्राहकों ने स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, अप्लायंसेज और फैशन कैटेगरी में जमकर खरीदारी की।
रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के मुताबिक, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो और अजियो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने फेस्टिव सेल के शुरुआती दो दिनों में 2.5 बिलियन डॉलर (लगभग 24,200 करोड़ रुपये) से ज़्यादा का ग्रॉस मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) दर्ज किया।
कंसल्टेंसी का अनुमान है कि देश भर में खरीदारों ने 8-9 करोड़ ऑर्डर दिए, जबकि लगभग 6-6.5 करोड़ ग्राहकों ने इस शॉपिंग इवेंट में हिस्सा लिया।
बिक्री की यह वैल्यू सामान्य दिनों के औसत दैनिक कारोबार से लगभग छह गुना ज़्यादा थी, जो फेस्टिव सीज़न में होने वाले खर्च के बड़े पैमाने को दिखाता है।
कुल बिक्री में स्मार्टफोन का योगदान सबसे ज़्यादा रहा, जो कुल GMV का 38-40 प्रतिशत था। इसकी वैल्यू अनुमानित 9,100-9,600 करोड़ रुपये रही।
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स दूसरी सबसे बड़ी कैटेगरी बनकर उभरी, जिसका कुल बिक्री में योगदान लगभग 25-27 प्रतिशत (यानी लगभग 6,000-6,500 करोड़ रुपये) रहा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि फैशन प्रोडक्ट्स का कुल बिक्री में 15-18 प्रतिशत हिस्सा रहा, जिससे इस दौरान अनुमानित 3,630-4,350 करोड़ रुपये की बिक्री हुई।
बड़े अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग खास तौर पर ज़बरदस्त रही। बड़े अप्लायंसेज की बिक्री में टेलीविज़न, रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर का हिस्सा दो-तिहाई से ज़्यादा रहा।
टेलीविज़न में, TCL, LG, सैमसंग और शाओमी जैसे ब्रांड्स के 55-इंच मॉडल की मांग सबसे ज़्यादा रही। टॉप-सेलिंग स्टॉक-कीपिंग यूनिट्स (SKUs) में इनका हिस्सा तीन-चौथाई से ज़्यादा था।
रेडसीर ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स कैटेगरी में 2026 की पहली छमाही में ही 20 प्रतिशत से ज़्यादा की ग्रोथ देखी गई थी, क्योंकि ग्राहकों ने साल के बाद के महीनों में कीमतें बढ़ने की उम्मीद में खरीदारी तेज़ कर दी थी। त्योहारी सेल के शुरुआती दो दिनों में इलेक्ट्रॉनिक्स के ऑर्डर सामान्य दैनिक स्तर से लगभग 14 गुना बढ़ गए, जिसमें लैपटॉप और इंटरनेट से जुड़े डिवाइस की ज़बरदस्त मांग का बड़ा योगदान रहा।
फ़ैशन भी ग्रोथ का एक बड़ा कारण बनकर उभरा, जिसमें इस सेगमेंट का GMV साल-दर-साल 22-25 प्रतिशत बढ़ा। इस कैटेगरी में बिक्री औसत दैनिक स्तर से तीन से पाँच गुना ज़्यादा रही, जिसमें किफ़ायती त्योहारी कपड़ों की मांग, खासकर टियर-2 शहरों और छोटे कस्बों में, का अहम योगदान रहा।
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