
Vyapaar:12 जून को घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। वैश्विक संकेतों और अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच निवेशकों ने भारी खरीदारी की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज उछाल दर्ज हुआ। दिनभर के कारोबार में बाजार लगातार मजबूत बना रहा और अंत में भी मजबूती के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स करीब 1695.40 अंक या 2.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 75527.95 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 461.30 अंक या 1.99 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23622.90 अंक पर बंद हुआ।
शुरुआत से ही बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। एशियाई बाजारों की तेजी और अमेरिकी बाजारों के मजबूत संकेतों का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखा। निवेशकों का भरोसा उस समय और मजबूत हुआ जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से ईरान को लेकर दिए गए बयान सामने आए, जिनमें संभावित शांति समझौते के संकेत मिले। इसके बाद वैश्विक स्तर पर जोखिम कम होने की उम्मीद बनी और इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगातार तेजी देखने को मिली। दिन के मध्य सत्र में सेंसेक्स 1300 अंक से अधिक की बढ़त के साथ 75150 के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी भी 23533 के स्तर के ऊपर मजबूती बनाए हुए था। दोपहर बाद बाजार की तेजी और बढ़ी और सेंसेक्स ने 1680 अंक से अधिक की छलांग लगाते हुए 75500 के ऊपर कारोबार किया।
इंट्राडे ट्रेडिंग में भी बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया। एक समय सेंसेक्स 74800 से ऊपर पहुंच गया था और निफ्टी भी 23400 से ऊपर निकल गया था। शुरुआती कुछ ही मिनटों में निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा देखा गया और अनुमान के मुताबिक करीब लाखों करोड़ रुपये की वैल्यू बढ़ी।
बाजार की तेजी में कई बड़े शेयरों का योगदान रहा। Bajaj Finance के शेयरों में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। वहीं Larsen & Toubro में करीब 4 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। एयरलाइन सेक्टर में IndiGo के शेयर भी करीब 4 प्रतिशत मजबूत हुए। इसके अलावा Titan Company, HDFC Bank, Axis Bank और अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
30 में से 28 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि केवल दो शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। पावर ग्रिड और टेक महिंद्रा उन कंपनियों में शामिल रहे जिनमें हल्की कमजोरी देखने को मिली।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में भी मजबूत तेजी रही। जापान का निक्केई इंडेक्स 3 प्रतिशत से अधिक चढ़ गया, जबकि अन्य प्रमुख एशियाई बाजारों में भी खरीदारी देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में भी जोरदार तेजी रही, जहां डॉव जोंस में लगभग 930 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। एसएंडपी 500 में करीब 1.75 प्रतिशत और नैस्डैक में 2.54 प्रतिशत की तेजी देखी गई।
कमजोर भू-राजनीतिक तनाव और संभावित समझौते की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों में साप्ताहिक आधार पर कमजोरी दर्ज की गई। इसके साथ ही सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमतों में भी दबाव देखने को मिला।
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीदों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और मजबूत अंतरराष्ट्रीय संकेतों के कारण आई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भू-राजनीतिक स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, इसलिए आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव संभव है।
कुल मिलाकर 12 जून का कारोबारी सत्र घरेलू शेयर बाजार के लिए बेहद मजबूत रहा और निवेशकों को बड़ी राहत मिली।





