
Business बिजनेस : एयरोस्पेस सेक्टर की कंपनी Aequs Limited के शेयरों में बुधवार को भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी के शेयर निवेशकों की पसंद बने रहे। इंट्रा-डे कारोबार के दौरान Aequs के शेयर में करीब 12 प्रतिशत की तेजी आई और भाव बढ़कर 271 रुपये तक पहुंच गया। यह शेयर का नया 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर है।
पिछले दो कारोबारी दिनों में Aequs के शेयर में 17 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की जा चुकी है। शेयर में लगातार बढ़त के पीछे कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल और ब्रोकरेज फर्मों की सकारात्मक रिपोर्ट को बड़ी वजह माना जा रहा है। कई ब्रोकरेज कंपनियों ने Aequs के शेयर पर भरोसा जताते हुए इसे खरीदने की सलाह दी है और मौजूदा स्तरों से बड़ी तेजी की संभावना बताई है।
IIFL कैपिटल ने दिया 320 रुपये का टारगेट
ब्रोकरेज फर्म IIFL Capital ने Aequs के शेयर पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए 320 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और बाजार में उसकी अलग पहचान भविष्य में ग्रोथ को बढ़ावा दे सकती है।
IIFL कैपिटल के मुताबिक, Aequs भारत की एकमात्र वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है, जो एयरोस्पेस कंपोनेंट्स के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है।
नुवामा ने शुरू की कवरेज, 444 रुपये का लक्ष्य
एक अन्य ब्रोकरेज फर्म Nuvama Wealth and Investment ने भी Aequs के शेयर पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। नुवामा ने कंपनी के शेयर के लिए 444 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
यह लक्ष्य शेयर की पिछली क्लोजिंग कीमत से करीब 83 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के पास मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले वर्षों में राजस्व और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी का आधार बन सकती है।
मजबूत प्रतिस्पर्धी बढ़त कंपनी की ताकत
IIFL कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि Aequs का कारोबार सामान्य मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से अलग है। एयरोस्पेस कंपोनेंट्स के क्षेत्र में प्रवेश करना आसान नहीं होता, क्योंकि इसमें भारी पूंजी निवेश, लंबे समय तक चलने वाली ग्राहक स्वीकृति प्रक्रिया, तकनीकी विशेषज्ञता और सख्त गुणवत्ता मानकों की जरूरत होती है।
ब्रोकरेज के अनुसार, इन वजहों से कंपनी को मजबूत प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलती है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में कंपनी का वैल्यूएशन थोड़ा महंगा नजर आ सकता है, लेकिन लंबे समय की विकास संभावनाओं को देखते हुए यह उचित दिखाई देता है।
एयरोस्पेस के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार
Aequs मुख्य रूप से एयरोस्पेस सेक्टर में काम करती है, लेकिन कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कारोबार का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी किया है। कंपनी ने कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने और कुकवेयर जैसे क्षेत्रों में भी कदम बढ़ाया है।
नुवामा के अनुसार, कंपनी के पास करीब 889 मिलियन डॉलर की ऑर्डर बुक है। यह ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी की ग्रोथ को मजबूत समर्थन दे सकती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि इस अवधि में कंपनी का रेवेन्यू CAGR करीब 42 प्रतिशत और EBITDA CAGR करीब 84 प्रतिशत रह सकता है।
निवेशकों की नजर भविष्य की ग्रोथ पर
Aequs के शेयर में आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, एयरोस्पेस सेक्टर में विशेषज्ञता और ब्रोकरेज की सकारात्मक राय ने शेयर में खरीदारी बढ़ाई है।
हालांकि, शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ आता है। इसलिए निवेशकों को किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, बाजार की स्थिति और अपने निवेश लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए।





