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शंकेश ज्वैलर्स IPO की तारीख तय 18 अगस्त से शुरू होगा सब्सक्रिप्शन

nidhi
11 Aug 2026 12:48 PM IST
शंकेश ज्वैलर्स IPO की तारीख तय 18 अगस्त से शुरू होगा सब्सक्रिप्शन
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निवेशकों के लिए बड़ा मौका शंकेश ज्वैलर्स का IPO 18 अगस्त को होगा लॉन्च
नई दिल्ली: ज्वैलरी सेक्टर की कंपनी शंकेश ज्वैलर्स शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रही है। कंपनी का ₹367 करोड़ का IPO 18 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने इश्यू के लिए ₹88 से ₹93 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक इस IPO में 20 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे।
₹367 करोड़ जुटाने की तैयारी
शंकेश ज्वैलर्स IPO के जरिए करीब ₹367 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी की ओर से जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कारोबार से जुड़ी जरूरतों और विस्तार योजनाओं के लिए किया जा सकता है।
IPO का फ्लोर प्राइस ₹88 और कैप प्राइस ₹93 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है।
18 अगस्त से शुरू होगी बोली
IPO के लिए सब्सक्रिप्शन विंडो 18 अगस्त से 20 अगस्त तक खुली रहेगी। इसके बाद शेयर अलॉटमेंट और रिफंड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी के शेयरों की बाजार में लिस्टिंग होगी।
निवेशकों को आवेदन करने से पहले IPO के आधिकारिक दस्तावेज में दिए गए लॉट साइज, न्यूनतम निवेश और फंड के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
ज्वैलरी सेक्टर पर निवेशकों की नजर
भारत में संगठित ज्वैलरी बाजार के विस्तार के बीच इस IPO को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी रह सकती है। हालांकि, ज्वैलरी कारोबार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ग्राहक मांग, मार्जिन और प्रतिस्पर्धा जैसे कारक कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह की मांग भी ज्वैलरी कंपनियों के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण होती है।
₹88-93 है प्राइस बैंड
कंपनी ने IPO के लिए ₹88 से ₹93 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक इसी दायरे में अपनी बोली लगा सकेंगे।
IPO में निवेश से पहले कंपनी के राजस्व, मुनाफे, कर्ज, कैश फ्लो और वैल्यूएशन की तुलना समान क्षेत्र की दूसरी कंपनियों से करना उपयोगी रहेगा।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
IPO में मजबूत सब्सक्रिप्शन हमेशा लिस्टिंग के बाद अच्छे रिटर्न की गारंटी नहीं देता। बाजार की स्थिति और कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
इसलिए निवेशकों को केवल IPO की चर्चा या संभावित लिस्टिंग गेन के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और जोखिम कारकों का अध्ययन करना चाहिए।
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