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शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 417.68 अंक गिरकर 81,120.02 पर

nidhi
27 Jan 2026 9:40 AM IST
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 417.68 अंक गिरकर 81,120.02 पर
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कारोबार में सेंसेक्स
शेयर बाजार की शुरुआत आज कमजोर रही, शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले। सेंसेक्स में 417.68 अंक की गिरावट दर्ज हुई और यह 81,120.02 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 111.1 अंक टूटकर 24,937.55 पर कारोबार कर रहा है। शुरुआती सत्र में इस तरह की गिरावट ने निवेशकों के मन में सतर्कता और अनिश्चितता बढ़ा दी है। विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता और कच्चे तेल व विदेशी करेंसी में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। निवेशकों ने शुरुआती ट्रेडिंग में शेयर बेचने का रुख अपनाया, जिससे छोटे और मध्यम आकार के शेयरों में अधिक दबाव देखा गया।
आज के कारोबार में बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में गिरावट प्रमुख रूप से नजर आई, जबकि मेटल और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयरों ने मामूली सुधार दिखाया। निवेशक विशेष रूप से विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) में उतार-चढ़ाव से बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक माहौल, मुद्रास्फीति के आंकड़े और केंद्रीय बैंक की नीतियां भी शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव में अहम भूमिका निभा रही हैं।
शेयर बाजार की इस शुरुआत का असर निवेशकों की भावना और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर साफ देखा जा सकता है। शुरुआती कारोबार में बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने मार्केट कैपिटलाइजेशन में कमी दर्ज की है। इसके अलावा, इंडेक्स फ्यूचर्स और कमोडिटी बाजार में हल्की कमजोरी भी निवेशकों की सतर्कता को बढ़ा रही है। बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक इस तरह के समय में लंबी अवधि के दृष्टिकोण से निवेश करें और केवल शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया न दें।
कुल मिलाकर, आज के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट का असर निवेशकों की मनोस्थिति पर देखा जा सकता है। शुरुआती ट्रेडिंग ने जोखिम और अनिश्चितता की स्थिति को उजागर किया है। निवेशक बाजार की दिशा पर ध्यान दे रहे हैं, खासकर विदेशी निवेश, वैश्विक बाजारों के रुझान और घरेलू आर्थिक नीतियों के संदर्भ में। विशेषज्ञों की राय है कि ऐसे समय में सतर्क निवेश, पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और जोखिम प्रबंधन रणनीतियां अपनाना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।
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