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अमेरिका-ईरान वार्ता रुकने से Sensex 700 अंक गिरा, निफ्टी 200 अंक नीचे

Anurag
22 April 2026 6:15 PM IST
अमेरिका-ईरान वार्ता रुकने से Sensex 700 अंक गिरा, निफ्टी 200 अंक नीचे
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Business व्यापार: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम समझौते को बढ़ाने की घोषणा के बावजूद शांति वार्ता में प्रगति न होने से निवेशकों की भावना प्रभावित हुई। इसके अलावा, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और हालिया लाभ के बाद निवेशकों के मुनाफा निकालने की प्रवृत्ति ने भी बाजार को दबाव में रखा।

इस दबाव के चलते विशेष रूप से आईटी शेयरों में बिकवाली ने इंडेक्स को नीचे खींचा। इसके परिणामस्वरूप सेंसेक्स में 756.84 अंक की गिरावट दर्ज हुई और यह 78,516.49 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 24,400 के स्तर से नीचे गिरकर 24,378.10 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स ने सुबह 79,019.34 अंक पर नकारात्मक संकेतों के साथ कारोबार शुरू किया। दिनभर में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह इंट्राडे के दौरान 78,442.30 अंक तक नीचे गया। निफ्टी भी दिनभर की गिरावट के साथ अंततः 198.50 अंक टूटकर बंद हुआ।

विदेशी बाजारों और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के दबाव के कारण रुपया भी डॉलर के मुकाबले 37 पैसे कमजोर होकर 93.81 पर पहुंच गया।

सेंसेक्स 30 में एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर में 10 प्रतिशत की गिरावट हुई। इसके अलावा, इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी भारी नुकसान दर्ज हुआ। वहीं, कुछ शेयरों में बढ़त भी देखने को मिली। हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, एटरनल, ट्रेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में लाभ दर्ज किया गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 99 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बना हुआ है। सोने की कीमत भी स्थिर रही और यह 4,754 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमत और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

विशेषज्ञों ने निवेशकों से सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के लाभ के बाद मुनाफा निकालना निवेशकों की सामान्य रणनीति है, जिससे अल्पकालिक दबाव उत्पन्न होता है।

बाजार के इस दबाव में आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों पर सबसे अधिक असर पड़ा। हालांकि, एफएमसीजी और पावर सेक्टर के शेयरों ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी।

आज के कारोबार से यह स्पष्ट हुआ कि वैश्विक घटनाओं और तेल की ऊंची कीमतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशकों को अपनी निवेश रणनीति पर ध्यान देने की आवश्यकता है और भावी उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

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