
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ शुरुआत की। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में खरीदारी के चलते घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव और कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन पर बनी हुई है।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 201.43 अंक की बढ़त के साथ 78,782.43 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 भी 16.35 अंक चढ़कर 24,641 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में शुरुआती खरीदारी का रुझान खास तौर पर ऊर्जा और बड़े बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों के शेयरों में देखने को मिला।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात के माध्यम से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट से देश के आयात बिल में कमी आ सकती है और महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इसका असर कंपनियों की लागत और मुनाफे पर भी सकारात्मक रूप से पड़ सकता है।
गुरुवार को बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में खरीदारी का असर प्रमुख रूप से देखने को मिला। रिलायंस इंडस्ट्रीज भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। कंपनी के शेयरों में तेजी आने से प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला।
हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। सोमवार को स्टॉक एक्सचेंजों की ओर से नया ऑक्शन मोड शुरू किए जाने के बाद से बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार अस्थिरता देखी जा रही है। नए ऑक्शन सिस्टम का उद्देश्य बाजार में ट्रेडिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और कुछ विशेष परिस्थितियों में कीमतों को नियंत्रित तरीके से निर्धारित करना है। इसके बाद निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है।
घरेलू बाजार पर वैश्विक संकेतों का भी असर बना हुआ है। अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले आर्थिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निवेशकों की नजर है। विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कुछ प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि कुछ क्षेत्रों में निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। आईटी, बैंकिंग, ऊर्जा और ऑटो सेक्टर के शेयरों में गतिविधियां बनी रहीं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर निवेशकों को कंपनियों के मूलभूत प्रदर्शन और लंबी अवधि की संभावनाओं को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।
इस बीच, निवेशकों की निगाहें आगामी आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के कारोबारी अपडेट पर टिकी हुई हैं। बाजार में तेजी के बावजूद वैश्विक अनिश्चितताओं और ऊंचे मूल्यांकन को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी रहती है और घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के अनुरूप रहते हैं, तो बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है। वहीं, विदेशी बाजारों में किसी बड़े बदलाव या वैश्विक स्तर पर जोखिम बढ़ने की स्थिति में बाजार में उतार-चढ़ाव फिर बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर, गुरुवार की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज में खरीदारी और कच्चे तेल की कम कीमतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ खुले। हालांकि, बाजार की आगे की दिशा वैश्विक संकेतों, आर्थिक आंकड़ों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।





