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SBI ने ब्याज दरों में किया बढ़ोतरी का ऐलान, मार्जिनल कॉस्ट में नहीं हुआ कोई बदलाव

Tulsi Rao
15 Dec 2021 11:35 AM GMT
SBI ने ब्याज दरों में किया बढ़ोतरी का ऐलान, मार्जिनल कॉस्ट में नहीं हुआ कोई बदलाव
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देश का सबसे बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. नई दरें बुधवार यानी आज से लागू होंगी. स्टेट बैंक ने बेस रेट में 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों को तगड़ा झटका लगा है. एसबीआई ने ब्याज दर बढ़ाने का ऐलान किया है. बुधवार यानी आज से नई दरें लागू हो गई हैं. अब ग्राहकों को नई ब्याज दरें 0.10 फीसदी के हिसाब से देय होगा.

इसी के साथ बैंक ने प्राइल लेंडिंग रेट को भी बढ़ाने का फैसला किया है और यह 10 फीसदी से 12.30 फीसदी कर दिया गया है. वहीं, बेस रेट में 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की गई है. यानी यह नई दर 7.55 फीसदी होगी.
ग्राहकों को लगा तगड़ा झटका
बेस रेट बढ़ने का असर ब्याज दरों पर पड़ेगा. बेस रेट में बढ़ोतरी होने से ब्याज दरें पहले से महंगी हो जाएंगी जिससे लोन लेने वाले ग्राहकों को अधिक ब्याज देना होगा. आपको बता दें कि बेस रेट तय करने का अधिकार बैंकों के हाथ में होता है. कोई भी प्राइवेट या सरकारी बैंक बेस रेट के नीचे लोन ऑफर नहीं कर सकता है. प्राइवेट और सरकारी सभी बैंक बेस रेट को स्टैंडर्ड मानते हैं. इसी आधार पर लोन पर ब्याज आदि तय किए जाते हैं.
मार्जिनल कॉस्ट में नहीं हुआ कोई बदलाव
एसबीआई ने बताया है कि वह सभी अवधि के लेंडिंग रेट के मार्जिनल कॉस्ट में कोई बदलाव नहीं किया है. ये रेट अपने पहले की तरह बने रहेंगे. आपको बता दें कि एसबीआई का होम लोन सेक्टर में बड़ा हिस्सा है. एसबीआई का मार्केट में कुल 34 फीसदी पर कब्जा है. गौरतलब है कि एसबीआई करीब 5 लाख करोड़ तक का लोन बांट चुका है. वहीं, एसबीआई 2024 तक इस आंकड़े को 7 लाख करोड़ तक पहुंचाने का टारगेट लेकर चल रहा है.
जानिए क्या होता है बेट रेट?
किसी बैंक का बेस रेट वह मिनिमम रेट है जिसके नीचे कोई भी बैंक किसी व्यक्ति या संस्था को लोन नहीं दे सकता. इसके आधार पर ही बैंक लोन का ब्याज तय होता है. हालांकि, इसमें कोई अपवाद हो सकता है. लेकिन इसका फैसला बैंक के उच्च अधिकारी को ही लेना होता है. बेस रेट वह दर है जिस दर को बैंक अपने कस्टमर के लिए लागू करता है. या फिर ऐसे कह सकते हैं कि कॉमर्शियल बैंक जिस रेट पर कस्टमर को लोन देते हैं, वही बेस रेट है.
सितंबर महीने में रिवाइज हुई थी दर
गौरतलब है कि इससे पहले सितंबर महीने में स्टेट बैंक के बेस रेट को रिवाइज किया गया था. 15 सितंबर से बेस रेट को 7.45 फीसदी तय किया गया था. अब नया बेस रेट 0.10 फीसदी बढ़कर 7.55 फीसदी हो गया है. वहीं, इसी महीने में स्टेट बैंक ने बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट या BPLR को रिवाइज किया था और उसे 12.20 फीसदी तय किया था. रिजर्व बैंक के द्वारा तय बेस रेट अभी 7.30-8.80 फीसदी है.


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