
x
रूस में पावेल डुरोव की बढ़ी परेशानी, टेररिज्म से जुड़े आरोपों पर सख्त कदम
रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव के खिलाफ़ आपराधिक मामला और गंभीर कर दिया है। उन पर आतंकवादी गतिविधियों में मदद करने का आरोप है। एजेंसी का आरोप है कि यूक्रेनी खुफिया सेवाओं ने देश के अंदर हमले करने के लिए युवा रूसियों को भर्ती करने के लिए इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।
FSB का कहना है कि जिन चैनलों, ग्रुप चैट और बॉट्स का इस्तेमाल यूक्रेनी सुरक्षा सेवाओं ने रूसी धरती पर हमले करने के लिए किया था, वे अभी भी टेलीग्राम पर उपलब्ध हैं। एजेंसी का दावा है कि इन हमलों में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, और अरबों रूबल की संपत्ति का नुकसान हुआ है। ये आंकड़े FSB से मिले हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
डुरोव पर रूस के क्रिमिनल कोड की धारा 205.1 के तहत आरोप लगाए गए हैं, जो आतंकवादी गतिविधियों में मदद करने से संबंधित है और इसमें अधिकतम 15 साल की सज़ा हो सकती है।
"डाइविंगचिक" (Divingchik) ऑपरेशन
FSB का कहना है कि हालिया आरोप "डाइविंगचिक" नाम की एक सर्विस से जुड़े हैं। एजेंसी के अनुसार, यूक्रेनी ऑपरेटिव्स ने टेलीग्राम पर युवा महिलाओं का रूप धारण किया, युवा रूसी पुरुषों से बातचीत शुरू की और धोखे से उन्हें हमले करने के लिए उकसाया।
FSB का कहना है कि जुलाई 2025 से, इस सर्विस से जुड़े 46 यूज़र्स को रूस के 16 इलाकों में हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों पर आगजनी से लेकर पुलिस अधिकारियों पर हमले तक के आरोप हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं थी।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला पहली बार फरवरी के आखिर में सामने आया था, जब सरकारी अखबार 'रोसिस्काया गज़ेटा' और टैब्लॉयड 'कोम्सोमोलस्काया प्रावदा' ने FSB की जानकारी पर आधारित रिपोर्ट छापी थीं। नए आरोप उसी पुराने मामले से जुड़े हैं।
डुरोव की प्रतिक्रिया
डुरोव, जिन्होंने 2014 में रूस छोड़ दिया था और जिनके पास फ्रांस और UAE की नागरिकता है, ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि रूसी अधिकारी टेलीग्राम पर पाबंदी को सही ठहराने के लिए बहाने बना रहे हैं; उन्होंने इसे ऐसे देश की निशानी बताया है जो अपने ही लोगों से डरता है।
टेलीग्राम ने इस बात से इनकार किया है कि वह आपराधिक गतिविधियों का अड्डा है या पश्चिमी या यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों के लिए एक टूल के तौर पर काम करता है। यह मामला टेलीग्राम पर रूसी सरकार के बढ़ते दबाव के बीच सामने आया है। हाल के महीनों में, रूसी रेगुलेटर्स ने ऐप की स्पीड कम कर दी है और इसके कॉलिंग फीचर्स को ब्लॉक कर दिया है, साथ ही सरकार द्वारा बनाए गए मैसेजिंग ऐप 'MAX' को बढ़ावा दिया है, जो सरकारी निगरानी सिस्टम से जुड़ा हुआ है। डुरोव पर फ्रांस में भी एक अलग जांच चल रही है। यह जांच अगस्त 2024 में पेरिस के पास उनकी गिरफ्तारी के बाद शुरू की गई थी और इसमें उन आरोपों की पड़ताल की जा रही है कि टेलीग्राम अपने प्लेटफॉर्म के आपराधिक इस्तेमाल को रोकने में नाकाम रहा।
Tagsपावेल डुरोवटेलीग्राम के संस्थापकरूस समाचारआतंकवाद का मामलाकानूनी कार्रवाईटेक समाचारटेलीग्राम विवादवैश्विक समाचारडिजिटल प्लेटफॉर्मइंटरनेट की आज़ादीसाइबर दुनियाPavel DurovTelegram founderRussia newsterrorism caselegal actiontech newsTelegram controversyglobal newsdigital platformsinternet freedomcyber world
Next Story





