
Business बिजनेस: गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक स्तर पर जोखिम भावना में सुधार के चलते रुपये में 26 पैसे की बढ़त देखी गई, जिसके बाद यह 94.90 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा बाजार से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, रुपया सकारात्मक रुख के साथ खुला क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें वेस्ट एशिया में जारी तनाव से पहले के स्तर पर वापस आ गई हैं। तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा फायदा भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था को मिलता है, जिससे चालू खाते के घाटे पर दबाव कम होता है और घरेलू मुद्रा को समर्थन मिलता है।
फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में वैश्विक बाजारों में जो अनिश्चितता और घबराहट का माहौल था, वह अब कुछ हद तक स्थिर हुआ है। भू-राजनीतिक मोर्चे पर कुछ सकारात्मक संकेत मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसका असर मुद्रा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। जब तेल सस्ता होता है तो आयात बिल कम होता है, जिससे रुपये पर दबाव घटता है और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
हालांकि, कारोबारियों ने यह भी कहा कि रुपया अभी भी वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेश प्रवाह पर काफी हद तक निर्भर है। किसी भी तरह की वैश्विक आर्थिक अस्थिरता या भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि रुपये पर दबाव बना सकती है।
विदेशी निवेशकों के रुख पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। अगर विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) का प्रवाह स्थिर रहता है, तो रुपये में और मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं, वैश्विक ब्याज दरों में बदलाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी आने वाले समय में मुद्रा बाजार की दिशा तय करेंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल भारतीय मुद्रा को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक जोखिम भावना में सुधार से समर्थन मिल रहा है। हालांकि, यह मजबूती स्थायी होगी या नहीं, यह आने वाले आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर, शुरुआती कारोबार में रुपये की यह बढ़त भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, जो आयात लागत को कम करने और महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है।





