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रुपये में लगातार पांचवें दिन मजबूती, डॉलर के मुकाबले 26 पैसे बढ़कर 95.50 पर बंद

Kavita2
31 July 2026 11:44 AM IST
रुपये में लगातार पांचवें दिन मजबूती, डॉलर के मुकाबले 26 पैसे बढ़कर 95.50 पर बंद
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नई दिल्ली। भारतीय मुद्रा रुपये में गुरुवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूती दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे की बढ़त के साथ 95.50 के स्तर पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से रुपये को समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने रुपये की बढ़त को सीमित रखा।

विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबार के दौरान रुपया 95.59 के स्तर पर खुला। दिनभर के कारोबार में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.50 से 95.75 के दायरे में रहा। अंत में रुपया 95.50 पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी सत्र के बंद स्तर की तुलना में 26 पैसे की मजबूती को दर्शाता है।

फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी का फायदा भारतीय मुद्रा को मिला। डॉलर इंडेक्स में नरमी आने से उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं को सहारा मिला, जिसमें भारतीय रुपया भी शामिल रहा।

रुपये को मजबूती देने वाले प्रमुख कारणों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से लगातार जारी खरीदारी भी शामिल रही। घरेलू शेयर बाजार में विदेशी पूंजी के प्रवाह से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और इसका सकारात्मक असर मुद्रा बाजार पर भी दिखाई दिया।

LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट (VP) जतिन त्रिवेदी के अनुसार, पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी रुपये को समर्थन दे रही है। इससे घरेलू इक्विटी बाजार और मुद्रा बाजार दोनों में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि बाजार में विदेशी निवेश बढ़ने से डॉलर की मांग पर कुछ दबाव आया, जिससे रुपये को मजबूती मिली। इसके अलावा वैश्विक बाजार में डॉलर की कमजोरी ने भी भारतीय मुद्रा के पक्ष में माहौल बनाया।

हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रुपये के लिए चुनौती बनी हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने से देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर रुपये की मजबूती पर पड़ता है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में रुपये की दिशा कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेश का रुख और वैश्विक आर्थिक संकेतक प्रमुख होंगे।

भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों में मजबूती देखने को मिली है। बेहतर निवेश धारणा और विदेशी पूंजी प्रवाह से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। इसका फायदा रुपये को भी मिला है।

विदेशी मुद्रा बाजार में निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक बाजार की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। यदि डॉलर में कमजोरी जारी रहती है और विदेशी निवेश का प्रवाह बना रहता है तो रुपये को आगे भी समर्थन मिल सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हालांकि रुपये ने हाल के सत्रों में अच्छी रिकवरी दिखाई है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

गुरुवार का कारोबार भारतीय मुद्रा के लिए सकारात्मक रहा। लगातार पांचवें सत्र में बढ़त दर्ज करते हुए रुपये ने डॉलर के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत की है। अब बाजार की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों में रुपये की चाल और वैश्विक संकेतों पर रहेगी।

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