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प्याज के दाम में बड़ा उछाल दिल्ली मुंबई समेत इन शहरों में पहुंचा भाव
New Delhi : रसोई का बजट एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में अचानक तेजी देखने को मिल रही है। पिछले एक हफ्ते में कई बाजारों में प्याज के दाम करीब 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं। खुदरा बाजारों में प्याज की कीमत कई शहरों में 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। प्याज की बढ़ती कीमतों का असर आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार सप्लाई में कमी और नई फसल की आवक में देरी के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
बड़े शहरों में प्याज के ताजा रेट
बाजार रिपोर्ट्स के अनुसार कई प्रमुख शहरों में प्याज के दाम इस प्रकार चल रहे हैं:
दिल्ली-NCR: करीब 50 से 55 रुपये प्रति किलो
मुंबई: करीब 52 से 58 रुपये प्रति किलो
कोलकाता: करीब 55 से 60 रुपये प्रति किलो
चेन्नई: करीब 48 से 54 रुपये प्रति किलो
बेंगलुरु: करीब 45 से 52 रुपये प्रति किलो
पटना: करीब 48 से 55 रुपये प्रति किलो
कीमत बढ़ने की क्या है वजह?
प्याज के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ी वजह बाजार में सप्लाई का प्रभावित होना है। कई क्षेत्रों में नई फसल की आवक में देरी हुई है, जिससे मंडियों में उपलब्धता कम हुई और कीमतों में तेजी आई। इसके अलावा मौसम की स्थिति और बारिश के कारण भी प्याज की गुणवत्ता और परिवहन पर असर पड़ने की बात कही जा रही है। इससे थोक बाजारों में कीमतें बढ़ी हैं।
महाराष्ट्र की मंडियों में भी तेजी
देश की प्रमुख प्याज मंडियों में शामिल महाराष्ट्र के लासलगांव में भी कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार वहां थोक कीमतों में एक सप्ताह के भीतर करीब 30 से 42 फीसदी तक उछाल आया है। लासलगांव और अन्य मंडियों के भाव का सीधा असर देशभर के खुदरा बाजारों पर पड़ता है।
आम आदमी की रसोई पर असर
प्याज भारतीय भोजन का अहम हिस्सा है। इसकी कीमत बढ़ने से घरों में सब्जी, दाल और अन्य व्यंजनों का खर्च बढ़ जाता है। खासकर कम आय वाले परिवारों के लिए प्याज की बढ़ती कीमतें परेशानी बढ़ा सकती हैं। त्योहारी सीजन से पहले प्याज के दाम बढ़ने से बाजार पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल रहा है।
सरकार और बाजार की नजर सप्लाई पर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में प्याज की कीमतें नई फसल की आवक और सप्लाई की स्थिति पर निर्भर करेंगी। अगर बाजार में पर्याप्त मात्रा में प्याज पहुंचता है तो कीमतों में राहत मिल सकती है। फिलहाल उपभोक्ताओं को महंगे प्याज से राहत मिलने के लिए सप्लाई व्यवस्था सामान्य होने का इंतजार करना होगा।
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