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पुराने पेनाल्टी केस से मिलेगी राहत, EPFO की नई योजना
Rajeshwari Nishad
21 Oct 2026 3:44 PM IST

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Business : अगर आपकी कंपनी या संस्थान पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ी पेनाल्टी या पुराने विवाद का मामला चल रहा है, तो आपके लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने VISHWAS Scheme 2026 शुरू की है। इस एकमुश्त योजना के तहत पात्र नियोक्ताओं को पुराने पीएफ मामलों में लगने वाले हर्जाने या पेनाल्टी को कम दरों पर चुकाकर विवाद निपटाने का मौका दिया जा रहा है। इसका मकसद वर्षों से लंबित मामलों को कम करना और संस्थानों को पीएफ नियमों के पालन के लिए प्रोत्साहित करना है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, यह योजना 29 जून 2026 से लागू है और छह महीने तक प्रभावी रहेगी। सरकार ने पात्र संस्थानों से 28 दिसंबर 2026 तक इसका लाभ उठाने की अपील की है। हालांकि, इस योजना का लाभ हर तरह के पीएफ विवाद में नहीं मिलेगा। इसके लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है। आधिकारिक जानकारी
क्या है EPFO VISHWAS Scheme 2026?
VISHWAS 2026 एक विशेष वन-टाइम विवाद निपटान योजना है। इसे उन कंपनियों और संस्थानों के लिए शुरू किया गया है, जिन पर कर्मचारियों के पीएफ योगदान में देरी से जुड़े हर्जाने या पेनाल्टी का मामला लंबित है। ऐसे मामलों में सामान्य नियमों के तहत लगने वाली पेनाल्टी कई बार काफी अधिक हो जाती है। इसके चलते कुछ संस्थान लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया में उलझे रहते हैं।
इस योजना के तहत पात्र मामलों में पेनाल्टी की गणना रियायती दरों से की जाएगी। इससे संस्थानों को आर्थिक राहत मिल सकती है और अदालतों या अन्य न्यायिक मंचों पर लंबित विवादों को समाप्त करने का रास्ता मिल सकता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह योजना पीएफ की मूल बकाया राशि या ब्याज को अपने आप माफ नहीं करती। इसका मुख्य फोकस निर्धारित शर्तों के तहत हर्जाने और पेनाल्टी से जुड़े विवादों का निपटारा करना है।
पेनाल्टी की दरों में कितनी राहत मिलेगी?
VISHWAS Scheme 2026 के तहत 14 जून 2024 से पहले की अवधि में हुए डिफॉल्ट के लिए पात्र मामलों में हर्जाने की गणना कम दरों पर की जाएगी। सरकार की ओर से बताई गई दरें इस प्रकार हैं:
दो महीने तक की देरी: 0.25 प्रतिशत प्रति माह।
दो महीने से अधिक और चार महीने से कम की देरी: 0.50 प्रतिशत प्रति माह।
चार महीने से अधिक की देरी: 1 प्रतिशत प्रति माह।
इन रियायती दरों का लाभ पात्र मामलों में ही मिलेगा। अंतिम देय राशि संबंधित मामले, डिफॉल्ट की अवधि और योजना के नियमों के अनुसार तय होगी। इसलिए किसी भी कंपनी को अपनी पेनाल्टी में निश्चित रकम की बचत मानकर नहीं चलना चाहिए, बल्कि पहले अपने मामले की गणना करानी चाहिए।
किन मामलों में मिलेगा योजना का लाभ?
सरकार ने VISHWAS 2026 के दायरे में अलग-अलग तरह के लंबित मामलों को शामिल किया है। इनमें वे मामले शामिल हो सकते हैं, जिनमें पेनाल्टी या हर्जाने का आदेश जारी हो चुका है और उसे अदालत या न्यायाधिकरण में चुनौती दी गई है।
इसके अलावा, ऐसे मामले भी पात्र हो सकते हैं जिनमें EPFO ने पेनाल्टी का अंतिम आदेश जारी कर दिया है, लेकिन उसकी पूरी वसूली नहीं हुई है। आंशिक वसूली वाले मामलों और रिकवरी सर्टिफिकेट (RRC) से जुड़े कुछ मामलों को भी योजना के तहत देखा जा सकता है।
यदि किसी संस्थान को पेनाल्टी लगाने के संबंध में नोटिस मिल चुका है, लेकिन अंतिम आदेश अभी जारी नहीं हुआ है, तो वह भी निर्धारित शर्तों के अधीन आवेदन कर सकता है। कुछ ऐसे मामलों को भी शामिल किया गया है, जिनमें डिफॉल्ट दर्ज है, लेकिन पेनाल्टी का नोटिस अभी जारी नहीं हुआ है।
हालांकि, पात्रता का फैसला योजना के आधिकारिक नियमों और संस्थान के रिकॉर्ड के आधार पर होगा।
आवेदन से पहले इन शर्तों को समझ लें
योजना का लाभ लेने के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक बकाया वैधानिक ब्याज का भुगतान है। पात्र संस्थान को लागू प्रावधानों के अनुसार धारा 7Q के तहत देय ब्याज या संबंधित कानून के तहत लागू ब्याज की पूरी राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
इसके साथ ही, संस्थान को यह वचन देना होगा कि योजना के तहत जिस विवाद का निपटारा किया जा रहा है, उसके संबंध में आगे अपील नहीं की जाएगी।
कुछ मामलों को योजना से बाहर रखा गया है। यदि पेनाल्टी या हर्जाने की पूरी राशि पहले ही वसूल की जा चुकी है, तो ऐसे संस्थान को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। धोखाधड़ी, गबन या रिकॉर्ड में जानबूझकर हेरफेर से जुड़े मामलों पर भी यह योजना लागू नहीं होती। इसलिए आवेदन से पहले सभी दस्तावेजों और बकाया राशि की जांच जरूरी है।
ऑनलाइन कैसे करें आवेदन?
VISHWAS Scheme 2026 के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। पात्र नियोक्ता EPFO के एम्प्लॉयर पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) या ई-साइन की जरूरत होगी।
आवेदन के दौरान संस्थान को अपने मामले की सही श्रेणी चुननी होगी और मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पेनाल्टी की संशोधित राशि की गणना की जाएगी। राशि जमा होने और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने पर निपटान प्रमाणपत्र जारी किया जा सकता है।
आवेदन करने से पहले कंपनी के पीएफ रिकॉर्ड, पेनाल्टी आदेश, ब्याज भुगतान और चल रहे मुकदमे से संबंधित दस्तावेजों को तैयार रखना बेहतर होगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित EPFO कार्यालय से भी जानकारी ली जा सकती है।
28 दिसंबर 2026 है महत्वपूर्ण तारीख
VISHWAS Scheme 2026 सीमित अवधि के लिए लाई गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, यह योजना 28 दिसंबर 2026 तक खुली रहेगी। ऐसे में जिन संस्थानों के मामले इसकी पात्रता में आते हैं, उन्हें अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपने रिकॉर्ड और देनदारियों की जांच कर लेनी चाहिए।
कुल मिलाकर, यह योजना पात्र कंपनियों को पुराने पीएफ पेनाल्टी विवाद कम दरों पर निपटाने का अवसर देती है। लेकिन आवेदन से पहले यह समझना जरूरी है कि राहत मुख्य रूप से हर्जाने या पेनाल्टी से संबंधित है, जबकि लागू ब्याज और अन्य वैधानिक दायित्वों को पूरा करना होगा। सही जानकारी और समय पर आवेदन से संस्थान लंबी कानूनी प्रक्रिया से बाहर निकलने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।
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