
x
मुंबई : वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार चार कारोबारी सत्रों की लगातार बढ़त के बाद गिरावट के साथ बंद हुआ। रियल एस्टेट, एफएमसीजी और आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जबकि मेटल और मीडिया शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया। हालांकि इन क्षेत्रों की मजबूती भी प्रमुख सूचकांकों को लाल निशान में जाने से नहीं रोक सकी। निवेशकों की नजर एक ओर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के फैसले पर रही, वहीं दूसरी ओर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) बाजार में नई व्यवस्था के प्रभाव ने भी बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 210.08 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,428.95 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी-50 159 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24,614.90 अंक पर आ गया। लगातार चार दिनों की तेजी के बाद यह गिरावट निवेशकों के मुनाफावसूली और सतर्क रुख का संकेत मानी जा रही है।
व्यापक बाजारों की बात करें तो तस्वीर मिश्रित रही। निफ्टी मिडकैप-100 इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप-100 इंडेक्स 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे साफ है कि बड़े शेयरों में बिकवाली अधिक रही, जबकि छोटे शेयरों में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली।
सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी रियल्टी सबसे अधिक 2.39 प्रतिशत टूट गया। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1.15 प्रतिशत, एफएमसीजी में 0.88 प्रतिशत, आईटी में 0.82 प्रतिशत, प्राइवेट बैंक में 0.66 प्रतिशत, फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.56 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स में 0.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया 2.03 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 0.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ सकारात्मक क्षेत्र में बंद हुए।
निफ्टी-50 की कंपनियों में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी लाइफ, बजाज ऑटो, मैक्स हेल्थकेयर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एनटीपीसी के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। वहीं अपोलो हॉस्पिटल्स, हिंडाल्को, ट्रेंट, आईटीसी, इटरनल और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और ये बढ़त के साथ बंद हुए।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मंगलवार की अस्थिरता के पीछे फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस बाजार में लागू नई क्लोजिंग व्यवस्था भी एक बड़ा कारण रही। साप्ताहिक एक्सपायरी के दौरान नई प्रणाली के तहत क्लोजिंग प्राइस तय करने की प्रक्रिया ने बाजार में सामान्य से अधिक उतार-चढ़ाव पैदा किया। कई ट्रेडर्स, खासकर खुदरा निवेशकों को 15 मिनट की ब्लाइंड डेरिवेटिव्स क्लोजिंग विंडो से पहले अपनी पोजिशन बंद करनी पड़ी, जिससे बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या फिलहाल नई व्यवस्था के शुरुआती चरण से जुड़ी है और इसे किसी बड़ी संरचनात्मक कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। समय के साथ एक्सचेंज और नियामक इन तकनीकी चुनौतियों को दूर कर सकते हैं। फिलहाल इसका प्रभाव मुख्य रूप से एफएंडओ से जुड़े शेयरों और प्रमुख सूचकांकों तक ही सीमित है।
बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक कारकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। निवेशकों की नजर मध्य-पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। यदि क्षेत्र में तनाव कम होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है, जिससे भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलेगी। इसका सकारात्मक असर महंगाई और बॉन्ड यील्ड पर भी पड़ सकता है।
साथ ही निवेशकों की निगाह भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी हुई है। बाजार को उम्मीद है कि आरबीआई महंगाई, वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने वाले फैसले लेगा। बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त तरलता बनाए रखने और निवेशकों का भरोसा मजबूत करने के लिए संभावित कदमों पर भी बाजार की नजर है।
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी संकेतक मजबूत बने हुए हैं। इसलिए दीर्घकालिक निवेशकों के लिए चिंता की कोई बड़ी वजह नहीं है। आने वाले दिनों में आरबीआई के फैसले, तिमाही नतीजे और वैश्विक घटनाक्रम भारतीय शेयर बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
TagsRealty-IT shares fellmarketSensex brokeरियल्टी-आईटीशेयरोंगिरायाबाजारसेंसेक्सटूटाजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





