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RBI ने 2026-27 के लिए रिटेल महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1% किया

Kavita2
5 Jun 2026 2:20 PM IST
RBI ने 2026-27 के लिए रिटेल महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1% किया
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Business बिजनेस: रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रिटेल महंगाई (इंफ्लेशन) का अनुमान 5.1 प्रतिशत लगाया है, जो इसके पहले के 4.6 प्रतिशत अनुमान से अधिक है। केंद्रीय बैंक ने यह जानकारी वित्तीय रिपोर्ट और आर्थिक अपडेट के माध्यम से दी। RBI के अनुसार महंगाई में वृद्धि का मुख्य कारण बढ़ती इनपुट कॉस्ट है, जो वैश्विक ऊर्जा की कीमतों में इजाफे के कारण घरेलू रिटेल स्तर पर सीधे असर डाल रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि ने पेट्रोल और डीज़ल के दामों पर दबाव डाला है। मई 2026 से ही पेट्रोल की कीमतों में 7.4 प्रतिशत और डीज़ल की कीमतों में 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि सीधे तौर पर हेडलाइन महंगाई में लगभग 36 बेसिस पॉइंट्स का योगदान करेगी। RBI ने कहा कि इनपुट कॉस्ट में लगातार बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की अनिश्चितता महंगाई की वृद्धि का प्रमुख कारक बन सकती है।

RBI ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू खाद्य सामग्री और ऊर्जा उत्पादों की कीमतें महंगाई अनुमान को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण घटक हैं। बैंक ने चेतावनी दी है कि अगर वैश्विक कच्चे तेल और गैस की कीमतें उच्च बनी रहती हैं, तो रिटेल महंगाई में और वृद्धि संभव है। इसके साथ ही, RBI ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई के साथ-साथ वाणिज्यिक और औद्योगिक उत्पादों की कीमतों पर भी निगरानी बढ़ाने की बात कही है।

विश्लेषकों का कहना है कि रिटेल महंगाई के इस नए अनुमान का असर न केवल उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता पर पड़ेगा बल्कि मौद्रिक नीति के फैसलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) आगामी बैठक में इस बढ़ती महंगाई के मद्देनजर दरों पर किसी भी संभावित बदलाव पर विचार कर सकती है।

इसके अलावा, वित्तीय बाजार में भी महंगाई अनुमान के बढ़ने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है। उच्च महंगाई के चलते ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना के कारण बॉन्ड और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि आम जनता को अपने खर्चों में सावधानी बरतनी चाहिए और महंगाई को ध्यान में रखते हुए बजट योजना बनानी चाहिए।

RBI ने यह स्पष्ट किया कि 5.1 प्रतिशत का अनुमान संभावित औसत महंगाई दर को दर्शाता है और साल भर के दौरान महंगाई में उतार-चढ़ाव आ सकता है। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि सरकारी और निजी क्षेत्रों में कीमतों की निगरानी और आवश्यक सुधारों के जरिए महंगाई पर नियंत्रण रखने की कोशिश जारी रहेगी।

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