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IPO के जरिए जुटाएगी ₹1000 करोड़ विस्तार पर नजर
Indore: भारत की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में तेजी से विस्तार कर रही Pride Hotels अब पूंजी बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी दिसंबर तक करीब 1000 करोड़ रुपये का IPO लाने की योजना बना रही है। इसके साथ ही कंपनी देशभर में अपने होटल नेटवर्क का विस्तार कर रही है, जिससे आने वाले समय में उसका पोर्टफोलियो बढ़कर करीब 72 प्रॉपर्टीज तक पहुंच सकता है।
कंपनी के CEO सत्येन जैन के अनुसार, प्राइड होटल्स ने पिछले 12 महीनों में कई नए होटल शुरू किए हैं और अब इसका फोकस देश के प्रमुख पर्यटन, शादी समारोह, कॉर्पोरेट इवेंट और धार्मिक स्थलों वाले बाजारों में विस्तार करने पर है।
40 प्रॉपर्टीज से 72 होटल तक विस्तार की योजना
फिलहाल Pride Hotels के पोर्टफोलियो में करीब 40 होटल शामिल हैं, जिनमें 8 होटल कंपनी के अपने हैं जबकि 32 होटल मैनेजमेंट मॉडल के तहत संचालित किए जा रहे हैं। कंपनी ने इसके अलावा 32 नए होटलों के लिए समझौते किए हैं, जो अगले डेढ़ से दो साल में शुरू होने की उम्मीद है। इससे कुल पोर्टफोलियो लगभग 72 प्रॉपर्टीज तक पहुंच सकता है।
कंपनी का कहना है कि वह मौजूदा बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ नए पर्यटन स्थलों और धार्मिक क्षेत्रों में भी विस्तार करना चाहती है।
IPO से जुटाई रकम का कहां होगा इस्तेमाल?
प्राइड होटल्स के प्रस्तावित IPO में करीब 1000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। कंपनी पहले ही बाजार नियामक से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर चुकी है। IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मौजूदा होटलों के नवीनीकरण, कर्ज कम करने और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
ड्राफ्ट दस्तावेजों के अनुसार, IPO में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ प्रमोटरों की ओर से ऑफर फॉर सेल भी शामिल हो सकता है।
धार्मिक पर्यटन और वेडिंग बिजनेस पर नजर
कंपनी का मानना है कि भारत में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। धार्मिक स्थलों पर आने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ने से होटल उद्योग के लिए नए अवसर बन रहे हैं।
इसके अलावा शादी समारोह और MICE यानी मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और एग्जिबिशन से जुड़े बड़े होटल बाजार पर भी कंपनी का फोकस है।
घरेलू पर्यटन में बढ़ती संभावनाएं
Pride Hotels का मानना है कि देश में बढ़ती आय, बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी तथा लोगों की यात्रा करने की बदलती आदतों से होटल सेक्टर को फायदा मिल सकता है।
कंपनी के अनुसार, नई पीढ़ी अब केवल सामान खरीदने के बजाय अनुभवों पर खर्च करना पसंद कर रही है, जिससे घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
लागत बढ़ना बनी चुनौती
हालांकि होटल उद्योग के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक गैस और बिजली जैसी परिचालन लागत में बढ़ोतरी हुई है, जिससे मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
इन खर्चों को नियंत्रित करने के लिए कंपनी ऊर्जा बचत तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा विकल्पों पर काम कर रही है।
IPO से मजबूत होगी विस्तार रणनीति
प्राइड होटल्स का IPO ऐसे समय में आ रहा है जब भारत का पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी की योजना बड़े शहरों के साथ-साथ नए पर्यटन और धार्मिक केंद्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की है।
अगर कंपनी की विस्तार योजना सफल रहती है तो 72 प्रॉपर्टीज का नेटवर्क उसे भारतीय होटल बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बना सकता है।
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