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बिजनेस : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी NSE के शेयरों में शेयर बाजार में लिस्टिंग के अगले ही दिन गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को शुरुआती कारोबार के दौरान NSE का शेयर 1.5 फीसदी से ज्यादा टूट गया। हालांकि शेयर में बिकवाली के बावजूद कई ब्रोकरेज हाउस कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। अलग-अलग ब्रोकरेज ने NSE के लिए 1,950 रुपये से लेकर 2,050 रुपये तक का टारगेट दिया है। सबसे ऊंचा लक्ष्य IPO के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 15 फीसदी की संभावित तेजी की ओर इशारा करता है।
NSE के शेयरों ने 24 सितंबर को शेयर बाजार में कदम रखा था। कंपनी का IPO प्राइस बैंड 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर था और शेयर BSE पर 1,800 रुपये पर लिस्ट हुआ। इस तरह ऊपरी इश्यू प्राइस 1,785 रुपये के मुकाबले लिस्टिंग पर करीब 0.84 फीसदी का मामूली प्रीमियम मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर में खरीदारी बढ़ी और यह पहले कारोबारी दिन 1,878 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। आखिर में शेयर 1,818 रुपये पर बंद हुआ, जो इश्यू प्राइस से करीब 1.85 फीसदी ऊपर था।
लेकिन लिस्टिंग के अगले दिन तस्वीर बदल गई। 25 सितंबर को NSE के शेयर में मुनाफावसूली देखने को मिली और यह BSE पर 1.53 फीसदी गिरकर 1,790.10 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। सुबह करीब 11:10 बजे शेयर कुछ नुकसान की भरपाई करते हुए 1,806.60 रुपये पर कारोबार कर रहा था और इसमें लगभग 0.63 फीसदी की गिरावट थी।
लिस्टिंग के पहले दिन के अंत में NSE का मार्केट कैप करीब 4.50 लाख करोड़ रुपये था। शुक्रवार को शेयर में गिरावट के साथ बाजार पूंजीकरण करीब 4.47 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस तरह एक दिन में कंपनी की मार्केट वैल्यू में लगभग 2,809 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
शेयर में शुरुआती उतार-चढ़ाव के बावजूद ब्रोकरेज हाउस NSE के कारोबार और भविष्य की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक नजरिया पेश कर रहे हैं। Emkay Global Financial Services ने NSE पर 'Buy' रेटिंग के साथ सितंबर 2027 के लिए 2,050 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज के मुताबिक यह IPO के 1,785 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 15 फीसदी की संभावित बढ़त दर्शाता है।
Emkay का मानना है कि भारत में वित्तीयकरण, घरेलू बचत का बाजार की ओर बढ़ता रुझान, SIP के जरिए निवेश और कैपिटल मार्केट के विस्तार से NSE को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है। ब्रोकरेज ने NSE की विभिन्न कैपिटल मार्केट सेगमेंट में मजबूत स्थिति और बदलते नियामकीय तथा आर्थिक माहौल के अनुसार कारोबार को ढालने की क्षमता को भी अपने सकारात्मक नजरिए की वजह बताया है।
ग्लोबल ब्रोकरेज Macquarie ने NSE पर 'Outperform' रेटिंग के साथ 1,965 रुपये का टारगेट दिया है। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 10 फीसदी की संभावित बढ़त को दर्शाता है। ब्रोकरेज ने NSE की मजबूत बाजार हिस्सेदारी, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, गहरी लिक्विडिटी और व्यापक सेवाओं को अहम मजबूती बताया है। Macquarie ने वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच NSE के रेवेन्यू में लगभग 12 फीसदी CAGR का अनुमान लगाया है।
वहीं घरेलू ब्रोकरेज PL Capital ने NSE के शेयर पर 'Accumulate' रेटिंग देते हुए 1,950 रुपये का टारगेट तय किया है। यह IPO के ऊपरी इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 9 फीसदी की संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में NSE को केवल ट्रांजैक्शन इनकम ही नहीं बल्कि लिस्टिंग सर्विसेज, कोलोकेशन, डेटा फीड और इंडेक्स लाइसेंसिंग जैसे दूसरे कारोबारों से भी फायदा मिल सकता है।
NSE का IPO भी अपने आकार के कारण काफी चर्चा में रहा। करीब 22,569 करोड़ रुपये का यह पब्लिक इश्यू भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल रहा और अंतिम दिन तक इसे करीब 5.7 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। संस्थागत निवेशकों की तरफ से मजबूत मांग देखने को मिली थी।
हालांकि NSE के सामने जोखिम भी मौजूद हैं। डेरिवेटिव कारोबार से जुड़े नियामकीय बदलाव और खासकर इंडेक्स ऑप्शंस सेगमेंट में बाजार हिस्सेदारी पर दबाव कंपनी की आय को प्रभावित कर सकता है। इसलिए ब्रोकरेज के टारगेट को सुनिश्चित रिटर्न नहीं माना जा सकता।
कुल मिलाकर NSE के शेयरों में लिस्टिंग के दूसरे दिन मुनाफावसूली के कारण दबाव दिखाई दिया, लेकिन Macquarie, Emkay और PL Capital जैसे ब्रोकरेज ने लंबी अवधि की कारोबारी संभावनाओं के आधार पर सकारात्मक रेटिंग दी है। निवेशकों के लिए अब NSE की कमाई, बाजार हिस्सेदारी, रेगुलेटरी बदलाव और नए रेवेन्यू स्रोतों की ग्रोथ महत्वपूर्ण संकेतक होंगे। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है और ब्रोकरेज टारगेट भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होते।
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