
New Delhi नई दिल्ली : भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक और बड़ा रिकॉर्ड बनने की तैयारी है। देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange of India) जल्द ही अपना बहुप्रतीक्षित IPO लॉन्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनएसई अगले सप्ताह से अपने IPO की औपचारिक मार्केटिंग शुरू कर सकता है, जबकि इसकी संभावित लिस्टिंग सितंबर 2026 में हो सकती है।अगर यह प्रस्ताव योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो यह IPO करीब 3 अरब डॉलर (लगभग ₹2.85 लाख करोड़) तक की राशि जुटा सकता है। इसके साथ ही यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बनने की संभावना भी रखता है। इस कदम को भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एनएसई अपने IPO को लेकर वैश्विक निवेशकों से सक्रिय बातचीत की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी अमेरिका, लंदन, सिंगापुर, हांगकांग, मध्य-पूर्व और भारत जैसे प्रमुख वित्तीय केंद्रों में रोडशो आयोजित करने की योजना बना रही है। इन रोडशो के माध्यम से निवेशकों को कंपनी के मौजूदा कारोबार मॉडल, भविष्य की विकास योजनाओं और बाजार में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों का उद्देश्य घरेलू और विदेशी दोनों तरह के निवेशकों को आकर्षित करना है, ताकि IPO को मजबूत प्रतिक्रिया मिल सके। एनएसई का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार की बढ़ती ताकत और डिजिटल ट्रेडिंग के विस्तार के चलते निवेशकों की दिलचस्पी काफी अधिक रहने की उम्मीद है।विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एनएसई का यह IPO सफल होता है, तो यह न केवल भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी, बल्कि वैश्विक निवेशकों के बीच भारत की वित्तीय प्रणाली पर भरोसे को भी और मजबूत करेगा।
एनएसई पहले से ही भारत के सबसे बड़े और सबसे सक्रिय स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है, जहां रोजाना अरबों रुपये का कारोबार होता है। इसके IPO को लेकर बाजार में लंबे समय से चर्चा चल रही थी, और अब इसके औपचारिक कदम बढ़ने से निवेशकों में उत्सुकता बढ़ गई है।फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि IPO की प्रक्रिया कब तक पूरी होती है और इसे निवेशकों से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।





