व्यापार
पावरग्रिड का मुनाफा 8% उछला, दूसरी तिमाही में 3,866 करोड़ की कमाई
Ratna Netam
2 Nov 2026 3:50 PM IST

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नई दिल्ली। देश की प्रमुख बिजली पारेषण कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (POWERGRID) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर करीब 8 प्रतिशत बढ़कर 3,866 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, कंपनी की कुल आय 12,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। मुनाफे में हुई इस बढ़ोतरी को देश के बिजली पारेषण क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के दौरान कंपनी के लाभ में हुई वृद्धि ने बिजली क्षेत्र में निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार की संभावनाओं को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पावरग्रिड देश के बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क की प्रमुख कंपनियों में शामिल है और विभिन्न राज्यों के बीच बिजली आपूर्ति के लिए आवश्यक उच्च क्षमता वाली ट्रांसमिशन लाइनों तथा सबस्टेशनों के विकास और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
दूसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा बढ़ा
उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पावरग्रिड ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 3,866 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की कुल आय भी 12 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।समेकित वित्तीय परिणामों में मूल कंपनी के साथ उसकी संबंधित सहायक इकाइयों के वित्तीय प्रदर्शन को भी शामिल किया जाता है। इससे कंपनी के पूरे कारोबार की आर्थिक स्थिति का व्यापक आकलन करने में मदद मिलती है।पावरग्रिड जैसी बिजली पारेषण कंपनियों के लिए नियमित राजस्व, परियोजनाओं का समय पर पूरा होना और परिचालन लागत पर नियंत्रण महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में लाभ में बढ़ोतरी कंपनी की वित्तीय स्थिति के लिहाज से सकारात्मक मानी जा सकती है। हालांकि, मुनाफे में वृद्धि के सटीक कारणों को समझने के लिए विस्तृत वित्तीय विवरण का अध्ययन आवश्यक है।
बिजली ट्रांसमिशन क्षेत्र में पावरग्रिड की अहम भूमिका
पावरग्रिड भारत के बिजली क्षेत्र की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में से एक है। इसका मुख्य कार्य बिजली उत्पादन केंद्रों से विभिन्न क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने के लिए उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन नेटवर्क का विकास, संचालन और रखरखाव करना है।देश में बिजली की बढ़ती मांग के साथ ट्रांसमिशन नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना भी जरूरी हो गया है। औद्योगिक गतिविधियों, शहरीकरण, डिजिटल बुनियादी ढांचे और ग्रामीण विद्युतीकरण के कारण विश्वसनीय बिजली आपूर्ति की आवश्यकता लगातार बनी हुई है।इसके अलावा सौर और पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए भी नई ट्रांसमिशन लाइनों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में पावरग्रिड की भूमिका आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण बनी रहने की संभावना है।
कुल आय में भी दर्ज हुई बढ़ोतरी
कंपनी की कुल समेकित आय बढ़कर 12,055.11 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 11,670.24 करोड़ रुपये थी। इस तरह कुल आय में लगभग 3.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, परिचालन से राजस्व 11,816.22 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 11,475.95 करोड़ रुपये था।कंपनी का पिछली समान तिमाही में शुद्ध लाभ 3,566.08 करोड़ रुपये था, जो इस बार बढ़कर 3,866.16 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह लाभ में लगभग 300 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। कंपनी के कुल खर्च में भी कमी दर्ज की गई। सितंबर तिमाही में खर्च 7,483.09 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 7,733.40 करोड़ रुपये था।
शेयरधारकों के लिए 3 रुपये प्रति शेयर लाभांश
तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 3 रुपये का पहला अंतरिम लाभांश देने की मंजूरी भी दी है। प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य 10 रुपये है।लाभांश के लिए रिकॉर्ड तारीख 6 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। पात्र शेयरधारकों को 30 नवंबर 2026 को लाभांश का भुगतान किया जाना है। कंपनी का यह फैसला निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नियमित लाभांश सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में निवेश करने वाले कई निवेशकों के लिए आकर्षण का कारण होता है।
बुनियादी ढांचे पर हजारों करोड़ रुपये का निवेश
पावरग्रिड ने सितंबर 2026 तक समेकित आधार पर 16,864 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया है। इसके अलावा कंपनी ने लगभग 9,300 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का पूंजीकरण किया है। सितंबर के अंत तक कंपनी की समेकित सकल स्थायी परिसंपत्तियों का मूल्य 3,29,852 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।कंपनी और उसकी सहायक इकाइयों के पास दूसरी तिमाही के अंत तक 1,87,576 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें और 293 सबस्टेशन थे। कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 6,49,116 एमवीए रही। वहीं, सितंबर तक औसत ट्रांसमिशन सिस्टम उपलब्धता 99.81 प्रतिशत दर्ज की गई।
नई परियोजनाओं से कारोबार को मिलेगी मजबूती
पावरग्रिड ने दूसरी तिमाही के दौरान प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के तहत छह ट्रांसमिशन परियोजनाओं में सफलता हासिल की। इनमें पांच अंतरराज्यीय और एक राज्य के भीतर की ट्रांसमिशन परियोजना शामिल है।बिजली की बढ़ती खपत और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता के विस्तार के कारण देश में मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क की जरूरत लगातार बढ़ रही है। नई परियोजनाओं से भविष्य में कंपनी की परिसंपत्तियों और परिचालन क्षमता में विस्तार होने की संभावना है।विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली पारेषण क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश और परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। पावरग्रिड के ताजा नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने राजस्व में सीमित वृद्धि के बावजूद मुनाफे में अपेक्षाकृत बेहतर बढ़ोतरी दर्ज की है।आने वाली तिमाहियों में कंपनी की नई परियोजनाओं की प्रगति, पूंजीगत निवेश, परिचालन खर्च और बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार उसके प्रदर्शन के महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
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