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पीयूष गोयल का टॉय इंडस्ट्री को संदेश, 4 साल में 10 गुना एक्सपोर्ट का लक्ष्य तय करने की अपील

Kavita2
4 July 2026 2:38 PM IST
पीयूष गोयल का टॉय इंडस्ट्री को संदेश, 4 साल में 10 गुना एक्सपोर्ट का लक्ष्य तय करने की अपील
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Business बिजनेस: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को घरेलू खिलौना निर्माताओं से वैश्विक बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने और अगले चार वर्षों में निर्यात को 10 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत का टॉय सेक्टर तेजी से मजबूत हो रहा है और इसमें वैश्विक प्रतिस्पर्धा की क्षमता लगातार बढ़ रही है।

मंत्री पीयूष गोयल ने यह बयान टॉय बिज़ इंटरनेशनल B2B एक्सपो के 17वें संस्करण को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि सरकार गुणवत्ता मानकों (क्वालिटी स्टैंडर्ड्स) में किसी भी प्रकार की ढील नहीं देगी, क्योंकि मजबूत मानक ही उद्योग को दीर्घकालिक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खिलौना उद्योग के लिए लागू क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (QCOs) जारी रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये आदेश उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, घटिया आयात पर रोक लगाने और देश के घरेलू विनिर्माण तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

पीयूष गोयल ने कहा, “मैं आपको भरोसा दिला सकता हूं कि जब तक मैं इस जिम्मेदारी में हूं, कोई भी QCOs हटाया नहीं जाएगा। QCO लागू रहेगा और हम घरेलू उद्योग को किसी भी देश से होने वाली गलत डंपिंग से भी बचाएंगे।” उनके इस बयान को घरेलू उद्योग को संरक्षण और प्रोत्साहन देने की दिशा में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रांज़िशन मैकेनिज्म केवल निवेश को आसान बनाने और कुछ समय के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसी भी तरह से मौजूदा गुणवत्ता प्रणाली को कमजोर करना नहीं है, बल्कि उद्योग को अधिक संगठित और प्रतिस्पर्धी बनाना है।

मंत्री ने कहा कि भारत का खिलौना उद्योग अब आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसमें छोटे तथा मध्यम उद्यमों (MSMEs) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से कहा कि वे गुणवत्ता और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करें ताकि भारतीय खिलौने वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकें।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उद्योग जगत को आश्वस्त किया कि सरकार नीतिगत स्थिरता बनाए रखेगी और किसी भी प्रकार के अस्थिर बदलाव से बचा जाएगा, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का टॉय सेक्टर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है और आयात पर निर्भरता में कमी आई है। सरकार द्वारा लागू गुणवत्ता नियंत्रण उपायों और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने वाली नीतियों का इस पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में इस क्षेत्र में बड़े अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने उद्योग से आह्वान किया कि वे इन अवसरों का पूरा लाभ उठाएं और निर्यात क्षमता को कई गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखें।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि ऐसे उत्पाद तैयार करना है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें और भारतीय ब्रांड को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिला सकें।

कुल मिलाकर, इस कार्यक्रम में सरकार और उद्योग के बीच सहयोग, गुणवत्ता मानकों की मजबूती और निर्यात बढ़ाने की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया। पीयूष गोयल के संदेश को भारतीय खिलौना उद्योग के लिए एक प्रोत्साहन और दीर्घकालिक विकास रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है।

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