
Business बिजनेस: देश में ईंधन की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार को पेट्रोल और डीज़ल के दामों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई। यह बढ़ोतरी एक हफ्ते से भी कम समय में दूसरी बार हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव और बढ़ गया है।
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह डीज़ल की कीमत 90.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्री सूत्रों ने इन कीमतों में बदलाव की पुष्टि की है।
इससे पहले 15 मई को भी ईंधन की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। लगातार हो रही इन बढ़ोतरी के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू कर संरचना इसका प्रमुख कारण है।
वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) में अंतर के कारण अलग-अलग राज्यों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग होती हैं, जिसके चलते हर शहर में पेट्रोल और डीज़ल की दरों में भिन्नता देखने को मिलती है।
दिल्ली में नई दरों के अनुसार पेट्रोल अब 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जो क्रमशः 87 पैसे और 91 पैसे की बढ़ोतरी को दर्शाता है। लगातार बढ़ती कीमतों से रोजमर्रा की आवाजाही और परिवहन लागत पर भी असर पड़ने की संभावना है।
वहीं मुंबई में भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां पेट्रोल 91 पैसे बढ़कर 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मुंबई में पहले से ही ईंधन दरें देश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में अधिक रहती हैं।
लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों ने आम जनता और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है। ऑटो, टैक्सी और लॉजिस्टिक सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में कई वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल सरकार या तेल कंपनियों की ओर से इस बढ़ोतरी को लेकर कोई अलग आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है, लेकिन बाजार विशेषज्ञ इसे वैश्विक तेल कीमतों और घरेलू कर ढांचे से जोड़कर देख रहे हैं।





