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भारत में PE निवेश का बढ़ेगा आंकड़ा 2026 में 28.79 बिलियन डॉलर का अनुमान

nidhi
28 Aug 2026 1:53 PM IST
भारत में PE निवेश का बढ़ेगा आंकड़ा 2026 में 28.79 बिलियन डॉलर का अनुमान
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भारत में बढ़ेगा प्राइवेट इक्विटी निवेश

Delhi: भारत का प्राइवेट इक्विटी (PE) बाजार साल 2026 में एक बार फिर मजबूत वापसी कर सकता है। शुरुआती चुनौतियों और पहली छमाही (H1) में करीब 2.89 अरब डॉलर की निकासी (outflow) के बावजूद पूरे साल PE निवेश के 28.79 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

निवेशकों का भरोसा भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, डिजिटल विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और नई तकनीक आधारित कंपनियों में अवसरों के कारण बना हुआ है।
H1 2026 में निवेश गतिविधियों में आई गिरावट
2026 की पहली छमाही में भारत के PE/VC निवेश में पिछले साल की तुलना में कमी देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, H1 2026 में कुल PE/VC निवेश करीब 20.5 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले कम था।
निवेशकों ने इस दौरान बड़े सौदों में सावधानी बरती और बेहतर रिटर्न की संभावना वाले क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया।
निकासी के बावजूद क्यों बना हुआ है भरोसा
विशेषज्ञों का मानना है कि PE निवेश में निकासी होना बाजार की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। निवेशक पुराने निवेश से बाहर निकलकर नई कंपनियों और नए क्षेत्रों में पूंजी लगा सकते हैं।
भारत में टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।
किन सेक्टरों में बढ़ सकती है दिलचस्पी
2026 में निवेशकों की नजर कई प्रमुख क्षेत्रों पर रहने की उम्मीद है:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी
फिनटेक और डिजिटल सेवाएं
हेल्थकेयर
मैन्युफैक्चरिंग
इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट
डेटा सेंटर और AI इकोसिस्टम से जुड़े क्षेत्रों में भी निवेशकों का रुझान बढ़ रहा है।
बड़े सौदों में दिख रही सतर्कता
PE निवेशक अब केवल तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों की बजाय मजबूत बिजनेस मॉडल, स्थिर कमाई और लंबे समय तक विकास की क्षमता वाली कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। H1 2026 में बड़े सौदों की संख्या में कमी आई, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक ज्यादा सोच-समझकर पूंजी लगा रहे हैं।
भारत क्यों बना हुआ है आकर्षक बाजार
भारत की बड़ी उपभोक्ता आबादी, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास की संभावनाएं विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। हालांकि वैश्विक ब्याज दरों, बाजार उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियों जैसी चुनौतियां निवेश पर असर डाल सकती हैं।
आगे क्या है उम्मीद
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर दूसरी छमाही में बड़े निवेश सौदों में तेजी आती है तो भारत का PE बाजार 2026 में अनुमानित 28.79 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है।कुल मिलाकर, शुरुआती निकासी के बावजूद भारत का प्राइवेट इक्विटी बाजार लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत अवसरों वाला क्षेत्र बना हुआ है।
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