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नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए देश की प्रमुख फिनटेक कंपनी पेटीएम (Paytm) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इस साल निवेशकों को शानदार रिटर्न देने वाले पेटीएम के शेयरों में आने वाले समय में भी तेजी की संभावना जताई जा रही है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस (One 97 Communications) पर कवरेज शुरू करते हुए इसे 'BUY' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर के लिए 2,250 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। इसका मतलब है कि 14 अक्टूबर के बंद भाव के मुकाबले शेयर में लगभग 31 प्रतिशत तक की संभावित तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, यह ब्रोकरेज का अनुमान है और शेयर के इस स्तर तक पहुंचने की कोई गारंटी नहीं है।
इस साल निवेशकों को मिला 32 फीसदी से ज्यादा रिटर्न
पेटीएम के शेयरों ने साल 2026 में अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है। इस दौरान कंपनी के शेयरों में 32 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शेयर की इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है।
पेटीएम पिछले कुछ वर्षों में नियामकीय चुनौतियों और कारोबारी बदलावों से गुजरी है। इसके बावजूद कंपनी के डिजिटल पेमेंट और वित्तीय सेवाओं से जुड़े कारोबार में संभावनाओं को लेकर ब्रोकरेज फर्मों का सकारात्मक रुख सामने आ रहा है।
नोमुरा का मानना है कि कंपनी के मुख्य कारोबार में वृद्धि और परिचालन खर्च पर नियंत्रण आने वाले वर्षों में उसकी कमाई को मजबूती दे सकते हैं।
2,250 रुपये का टारगेट, शेयर में 31 फीसदी तेजी की उम्मीद
नोमुरा ने पेटीएम के शेयरों पर कवरेज शुरू करते हुए खरीदारी की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने प्रति शेयर 2,250 रुपये का लक्ष्य रखा है।
14 अक्टूबर 2026 को पेटीएम के शेयर का बंद भाव लगभग 1,712.40 रुपये था। इस स्तर के मुकाबले ब्रोकरेज का निर्धारित लक्ष्य करीब 31.4 प्रतिशत की संभावित बढ़त दर्शाता है।
15 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार के दौरान शेयर में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। कुछ बाजार रिपोर्टों में शेयर के 1,700 रुपये के आसपास कारोबार करने की जानकारी सामने आई, जबकि अन्य कारोबारी अपडेट में यह 1,766 रुपये तक पहुंचने की बात कही गई।
इससे स्पष्ट है कि सकारात्मक ब्रोकरेज रिपोर्ट आने के बावजूद बाजार में शेयर की कीमत लगातार बदल सकती है।
कंपनी की कमाई में बड़ी वृद्धि का अनुमान
नोमुरा की रिपोर्ट में पेटीएम के कारोबार और भविष्य की कमाई को लेकर सकारात्मक अनुमान व्यक्त किए गए हैं।
ब्रोकरेज के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2029 के बीच कंपनी के EBITDA में लगभग 96 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर यानी CAGR देखने को मिल सकती है।
EBITDA किसी कंपनी की ब्याज, कर, मूल्यह्रास और अमोर्टाइजेशन से पहले की परिचालन कमाई को दर्शाता है। इससे कारोबार की कमाई पैदा करने की क्षमता का आकलन करने में मदद मिलती है।
हालांकि, 96 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि दर को कंपनी के कुल राजस्व की वृद्धि दर नहीं समझना चाहिए। यह EBITDA के अपेक्षाकृत छोटे शुरुआती आधार पर आधारित अनुमान है।
डिजिटल पेमेंट कारोबार से मिलेगा फायदा
पेटीएम के लिए डिजिटल पेमेंट कारोबार उसकी प्रमुख ताकतों में शामिल है। देश में ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल लेनदेन का इस्तेमाल बढ़ने से वित्तीय तकनीक से जुड़ी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।
नोमुरा का मानना है कि पेटीएम अपने मौजूदा पेमेंट नेटवर्क और व्यापारियों से जुड़े कारोबार के माध्यम से आगे वृद्धि दर्ज कर सकती है।
कंपनी व्यापारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने और अन्य वित्तीय सुविधाओं का इस्तेमाल करने से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराती है।
ब्रोकरेज ने मर्चेंट लेंडिंग यानी व्यापारियों को कर्ज उपलब्ध कराने से जुड़े वितरण कारोबार को भी भविष्य की वृद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम बताया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लागत घटने की उम्मीद
पेटीएम की भविष्य की संभावनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नोमुरा का अनुमान है कि एआई आधारित तकनीकों के इस्तेमाल, कारोबार के विस्तार और खर्चों पर नियंत्रण से कंपनी की परिचालन दक्षता बेहतर हो सकती है।
एआई की मदद से ग्राहक सेवाओं, आंतरिक प्रक्रियाओं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में लागत कम करने की संभावनाएं हैं।
ब्रोकरेज ने कंपनी के एंटरप्राइज एआई उत्पाद 'Pi' और अंतरराष्ट्रीय विस्तार को भी भविष्य के संभावित अवसरों में शामिल किया है। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक वित्तीय योगदान आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
यूपीआई से कमाई बढ़ने की संभावना
ब्रोकरेज रिपोर्ट में यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR से संभावित कमाई को भी एक महत्वपूर्ण कारक बताया गया है।
MDR वह शुल्क होता है जो कुछ भुगतान व्यवस्थाओं में व्यापारियों से लिया जाता है।
यदि चुनिंदा यूपीआई लेनदेन पर शुल्क से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव होता है तो इससे डिजिटल भुगतान कंपनियों की आय पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, ऐसी संभावनाएं सरकारी और नियामकीय नीतियों पर निर्भर करती हैं। इसलिए भविष्य में मिलने वाली इस संभावित आय को सुनिश्चित कमाई नहीं माना जा सकता।
गोल्डमैन सैक्स भी बढ़ा चुका है टारगेट
पेटीएम को लेकर सकारात्मक रुख केवल नोमुरा तक सीमित नहीं है। इससे पहले ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भी कंपनी के शेयर के लक्ष्य में बढ़ोतरी की थी।
8 अक्टूबर 2026 को गोल्डमैन सैक्स ने पेटीएम का 12 महीने का टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,070 रुपये कर दिया था।
ब्रोकरेज ने कंपनी पर अपनी 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी थी। इसके पीछे कंपनी की कमाई की संभावनाओं, बाजार हिस्सेदारी और मार्जिन में सुधार की उम्मीदों को महत्वपूर्ण कारण बताया गया था।
निवेशकों के लिए किन जोखिमों पर ध्यान देना जरूरी?
पेटीएम के शेयरों में संभावित तेजी की चर्चा के बीच जोखिमों को समझना भी जरूरी है।
नोमुरा ने कंपनी के कर्ज वितरण से जुड़े कारोबार में एसेट क्वालिटी बिगड़ने और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को प्रमुख जोखिम बताया है।
इसके अलावा नियामकीय नीतियों में बदलाव, तकनीकी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और कंपनी के भविष्य के वित्तीय परिणाम शेयर की कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।
शेयर बाजार में किसी भी ब्रोकरेज का लक्ष्य उसकी वित्तीय धारणाओं पर आधारित होता है। कारोबारी परिस्थितियां बदलने पर ये अनुमान भी बदल सकते हैं।
क्या आगे भी जारी रहेगी पेटीएम के शेयरों की तेजी?
पेटीएम के शेयरों ने इस साल अच्छा प्रदर्शन किया है और नोमुरा की नई रिपोर्ट से कंपनी को लेकर सकारात्मक उम्मीदों को बल मिला है।
डिजिटल पेमेंट, मर्चेंट लेंडिंग, एआई आधारित लागत नियंत्रण और संभावित नए राजस्व स्रोत कंपनी की भविष्य की वृद्धि के प्रमुख आधार माने जा रहे हैं।
हालांकि, आने वाले महीनों में कंपनी के तिमाही नतीजे, कमाई और परिचालन प्रदर्शन ही यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि शेयर ब्रोकरेज के निर्धारित लक्ष्य की दिशा में बढ़ पाता है या नहीं।
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