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Orient Cables IPO की तारीख तय जानें प्राइस बैंड और GMP

Ratna Netam
22 Sept 2026 5:10 PM IST
Orient Cables IPO की तारीख तय जानें प्राइस बैंड और GMP
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नई दिल्ली। शेयर बाजार में IPO के जरिए निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक और नया इश्यू आने वाला है। नेटवर्किंग केबल और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट बनाने वाली **Orient Cables (India) Ltd** ने अपने IPO के लिए **258 रुपये से 272 रुपये प्रति शेयर** का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए कुल **552 करोड़ रुपये** जुटाने की तैयारी में है। IPO आम निवेशकों के लिए 25 सितंबर 2026 को खुलेगा और 29 सितंबर तक इसमें बोली लगाई जा सकेगी।IPO आने से पहले निवेशकों की नजर इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP पर भी है। 22 सितंबर को उपलब्ध ट्रैकिंग डेटा के अनुसार Orient Cables IPO का GMP फिलहाल **शून्य रुपये** है या कुछ ट्रैकर्स पर अभी कोई प्रीमियम दर्ज नहीं हुआ है। यानी इस समय ग्रे मार्केट से किसी लिस्टिंग प्रीमियम का स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहा। GMP अनौपचारिक और अनियमित बाजार का संकेत है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है।
552 करोड़ रुपये का होगा IPO
Orient Cables का IPO कुल 552 करोड़ रुपये का है। इसमें **320 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू** शामिल है। इसके अलावा प्रमोटरों की ओर से **232 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल यानी OFS** लाया जाएगाOFS के तहत विपुल नागपाल, गरिमा नागपाल, विपुल फैमिली ट्रस्ट और गरिमा फैमिली ट्रस्ट शेयर बेचेंगे। OFS से मिलने वाला पैसा कंपनी को नहीं मिलता, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों के पास जाता है। वहीं फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम कंपनी के पास आएगी।कंपनी ने इससे पहले बाजार नियामक SEBI के पास 700 करोड़ रुपये जुटाने के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए थे। बाद में IPO का आकार घटाकर 552 करोड़ रुपये कर दिया गया।
258 से 272 रुपये का प्राइस बैंड
कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड **258 से 272 रुपये प्रति इक्विटी शेयर** निर्धारित किया है। ऊपरी प्राइस बैंड यानी 272 रुपये के हिसाब से कंपनी करीब 3,095 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन चाह रही है।निवेशकों को आवेदन करते समय इसी प्राइस बैंड के भीतर बोली लगानी होगी। आमतौर पर रिटेल निवेशक कट-ऑफ प्राइस का विकल्प भी चुन सकते हैं।
55 शेयरों का एक लॉट
Orient Cables IPO में एक लॉट में **55 शेयर** रखे गए हैं। इसका मतलब रिटेल निवेशक को कम से कम 55 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा।अगर निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड 272 रुपये पर एक लॉट के लिए आवेदन करता है तो उसे **14,960 रुपये** लगाने होंगे। इसके बाद 55 शेयरों के गुणक में आवेदन किया जा सकेगा। रिटेल कैटेगरी में अधिकतम 13 लॉट यानी 715 शेयरों के लिए करीब 1,94,480 रुपये का आवेदन किया जा सकता है।
कितना चल रहा GMP?
IPO बाजार में किसी इश्यू के प्रति अनौपचारिक मांग का अंदाजा लगाने के लिए निवेशक अक्सर GMP देखते हैं। 22 सितंबर की सुबह InvestorGain के आंकड़ों में Orient Cables IPO का GMP **₹0** दिखाया गया। एक अन्य GMP ट्रैकर IPO Watch ने बताया कि अभी इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम शुरू नहीं हुआ है।इस हिसाब से फिलहाल GMP से लिस्टिंग गेन का कोई संकेत नहीं मिल रहा है। हालांकि IPO खुलने और संस्थागत तथा रिटेल निवेशकों की मांग सामने आने के बाद GMP बदल सकता है।यह ध्यान रखना जरूरी है कि GMP किसी स्टॉक एक्सचेंज का आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता। यह एक अनौपचारिक बाजार का संकेत है और इसके आधार पर लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं दी जा सकती।
25 सितंबर से खुलेगा IPO
Orient Cables IPO **25 सितंबर को खुलेगा और 29 सितंबर को बंद होगा**। एंकर निवेशकों के लिए बोली 24 सितंबर को खुलेगी।मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक शेयरों का अलॉटमेंट 30 सितंबर को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर 1 अक्टूबर को क्रेडिट किए जा सकते हैं और इसी दिन रिफंड प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है। कंपनी के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग **5 अक्टूबर 2026** को प्रस्तावित है।
किस कैटेगरी के लिए कितने शेयर?
IPO के नेट ऑफर में **50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB**, 35 प्रतिशत रिटेल निवेशकों और 15 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए निर्धारित किया गया है।इससे रिटेल निवेशकों को भी इश्यू में भाग लेने के लिए पर्याप्त हिस्सा उपलब्ध होगा। हालांकि वास्तविक अलॉटमेंट IPO को मिलने वाली बोलियों पर निर्भर करेगा।
IPO से मिले पैसे का क्या करेगी कंपनी?
Orient Cables फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कारोबार की क्षमता बढ़ाने और कर्ज कम करने के लिए इस्तेमाल करना चाहती है।कंपनी लगभग **91.5 करोड़ रुपये** अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में मशीनरी और उपकरण खरीदने तथा सिविल वर्क पर खर्च करने की योजना बना रही है। इसके अलावा करीब **155.5 करोड़ रुपये** कुछ कर्ज के भुगतान या आंशिक प्रीपेमेंट के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। जून 2026 तक कंपनी पर कुल बकाया उधारी लगभग 258.4 करोड़ रुपये बताई गई है। शेष राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में किया जाएगा।
क्या कारोबार करती है Orient Cables?
Orient Cables नेटवर्किंग केबल और पैसिव नेटवर्किंग उपकरण बनाने वाली कंपनी है। कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल ब्रॉडबैंड, टेलीकॉम, डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी और स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में किया जाता है।कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मुख्य रूप से नेटवर्किंग केबल एवं सॉल्यूशन, स्पेशलिटी पावर और ऑप्टिकल फाइबर केबल तथा अन्य संबंधित उत्पादों में बांटा गया है।वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने करीब **1,181.67 करोड़ रुपये का रेवेन्यू** दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 831.86 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 53.32 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 53.56 करोड़ रुपये रहा।
निवेशकों को किन बातों पर रखना चाहिए ध्यान?
IPO में निवेश का फैसला केवल GMP देखकर करना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को कंपनी की कमाई, मुनाफे की वृद्धि, कर्ज, वैल्यूएशन, कारोबार की संभावनाओं और रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में बताए गए जोखिमों को भी समझना चाहिए।फिलहाल Orient Cables IPO का GMP शून्य रुपये के आसपास है, लेकिन इश्यू खुलने में अभी समय है। ऐसे में 25 सितंबर से पहले और IPO की सब्सक्रिप्शन अवधि के दौरान ग्रे मार्केट की स्थिति बदल सकती है।कुल मिलाकर Orient Cables का **552 करोड़ रुपये का IPO**, 258-272 रुपये का प्राइस बैंड और 55 शेयरों का लॉट निवेशकों के सामने नया विकल्प लेकर आ रहा है। अब बाजार की नजर 25 सितंबर से मिलने वाले सब्सक्रिप्शन और GMP में होने वाले बदलाव पर रहेगी।
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