
Mumbai मुंबई : आईपीओ लाने की तैयारी कर रही एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। कंपनी ने बताया है कि उसके कुछ पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। कंपनी ने निवेशकों को आगाह करते हुए कहा है कि इन दस्तावेजों की अनुपलब्धता को लेकर वह यह भरोसा नहीं दे सकती कि भविष्य में इस मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने अपने डीआरएचपी में बताया कि वह 30 जून 1992 को जारी किए गए अतिरिक्त इश्यू और 7 नवंबर 1997 को लाए गए राइट्स इश्यू से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खोज नहीं पा रही है। इनमें ऑफर लेटर और शेयर अलॉटमेंट से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
कंपनी ने बताया कि इन पुराने दस्तावेजों की तलाश और जांच के लिए उसने एक स्वतंत्र कंपनी सेक्रेटरी फर्म मनीष घिया एंड एसोसिएट्स को नियुक्त किया था। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सके।
डीआरएचपी में कंपनी ने स्पष्ट किया है कि पुराने दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण भविष्य में किसी नियामकीय संस्था या अन्य पक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कंपनी ने निवेशकों को इस जोखिम के बारे में जानकारी देना जरूरी समझा है।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है और यह म्यूचुअल फंड कारोबार से जुड़ी हुई कंपनी है। कंपनी अपने प्रस्तावित आईपीओ के जरिए बाजार से पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही है। आईपीओ से पहले कंपनियों को बाजार नियामक के पास डीआरएचपी दाखिल करना होता है, जिसमें कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, आईपीओ प्रक्रिया में कंपनियों द्वारा पुराने रिकॉर्ड, कानूनी मामलों और संभावित जोखिमों का खुलासा करना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य निवेशकों को कंपनी से जुड़े सभी संभावित जोखिमों की जानकारी देना होता है, ताकि वे निवेश का फैसला सोच-समझकर कर सकें।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने डीआरएचपी में यह भी संकेत दिया है कि वह कॉरपोरेट रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और जरूरी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है। कंपनी की ओर से नियुक्त स्वतंत्र फर्म ने भी उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया है।
अब बाजार की नजर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आगामी आईपीओ और निवेशकों की प्रतिक्रिया पर रहेगी। कंपनी का आईपीओ आने से पहले यह खुलासा निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि पुराने रिकॉर्ड न मिलने से जुड़े सभी संभावित जोखिमों की जानकारी उसने निवेशकों के सामने रख दी है।





