
Business:कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय ऑयल शेयरों में तेजी
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गईं। इस गिरावट का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिला, जहां सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। BPCL, HPCL और IOCL के शेयरों में 4.5% तक की बढ़त देखी गई।
ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड दोनों में करीब 1% से अधिक की गिरावट आई, जिससे वैश्विक बाजार में राहत का माहौल बना। इसी बीच निवेशकों ने भारतीय ऑयल कंपनियों में खरीदारी बढ़ा दी, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें घटने से इन कंपनियों के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
BPCL का शेयर करीब 4.5% उछलकर ₹295 के स्तर तक पहुंच गया। HPCL में भी लगभग 3.5% की तेजी दर्ज हुई और यह ₹379 तक गया। वहीं IOCL का शेयर भी 3% तक मजबूत होकर ₹138 के आसपास कारोबार करता दिखा।
विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इन कंपनियों की इनपुट लागत कम होती है, जिससे उनका मुनाफा बढ़ता है। भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत समायोजित नहीं होतीं, इसलिए कंपनियों को सीधे लाभ मिलता है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत अस्थायी भी हो सकती है। अमेरिका-ईरान समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी स्थिति पर पूरी तरह स्थिरता आने में समय लग सकता है। कुछ विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता अभी बनी रह सकती है।
कुल मिलाकर, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भारतीय ऑयल शेयरों को मजबूती दी है, लेकिन आगे की दिशा अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।





