
BUSINESS: केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) Scheme 2026 लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पुराने 1952 के नियमों को सरल बनाना और कर्मचारियों के PF से जुड़े अधिकारों को अधिक स्पष्ट करना है।
नए नियमों के अनुसार अब कोई भी कंपनी कर्मचारी की अनुमति के बिना तय सीमा से अधिक PF नहीं काट सकेगी। अनिवार्य PF कटौती केवल निर्धारित वेतन सीमा 15,000 रुपये तक ही लागू होगी। इसके तहत अधिकतम 1,800 रुपये प्रति माह ही अनिवार्य कर्मचारी योगदान रहेगा। इससे अधिक PF कटौती तभी होगी जब कर्मचारी खुद अपनी सहमति देगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब चाहे कर्मचारी की सैलरी कितनी भी अधिक हो, कंपनी बिना मंजूरी अतिरिक्त PF नहीं काट सकेगी। हालांकि कर्मचारी चाहें तो Voluntary PF Contribution के जरिए अधिक राशि जमा कर सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह उनकी इच्छा पर निर्भर होगा।
नई योजना में PF योगदान दर पहले की तरह ही 12% कर्मचारी और 12% कंपनी के हिस्से में रखा गया है। वेतन सीमा और योगदान संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके साथ ही PF निकालने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। अब इलाज, शिक्षा, शादी और घर बनाने जैसी जरूरतों के लिए आंशिक निकासी पहले की तुलना में सरल कर दी गई है। इस बदलाव से करीब 8 करोड़ EPF खाताधारकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है और कर्मचारियों को अपने भविष्य निधि पर अधिक नियंत्रण मिलेगा।





