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नई दिल्ली : अपने घर का सपना हर किसी का होता है, लेकिन बढ़ती कीमतों और लंबी अवधि की ईएमआई के कारण इसे पूरा करना कई परिवारों के लिए बड़ी वित्तीय चुनौती बन जाता है। ऐसे में होम लोन लोगों के लिए घर खरीदने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। सरकारी और निजी बैंक ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए समय-समय पर अलग-अलग तरह की होम लोन योजनाएं पेश करते हैं। इसी कड़ी में निजी क्षेत्र के कोटक महिंद्रा बैंक ने होम लोन ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है, जिसमें एक निश्चित अवधि तक ब्याज दर को लॉक रखने का विकल्प दिया जा रहा है।
बैंक ने इस सुविधा को ‘हाइब्रिड होम लोन’ नाम दिया है। इसके तहत ग्राहक अपने होम लोन की ब्याज दर को 39, 52 या अधिकतम 65 महीने तक तय रख सकते हैं। इस अवधि के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई की रेपो रेट में बदलाव होने पर भी ग्राहक की होम लोन ब्याज दर और उससे जुड़ी ईएमआई में बदलाव नहीं होगा। बैंक का कहना है कि इस सुविधा का उद्देश्य ग्राहकों को शुरुआती वर्षों में ईएमआई को लेकर अधिक निश्चितता और वित्तीय योजना बनाने में मदद करना है।
कोटक महिंद्रा बैंक फिलहाल 7.6 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन उपलब्ध करा रहा है। हालांकि वास्तविक ब्याज दर ग्राहक की प्रोफाइल, लोन राशि, अवधि और बैंक के अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर अलग हो सकती है। नई हाइब्रिड होम लोन सुविधा के तहत ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार 39, 52 या 65 महीने की फिक्स्ड रेट अवधि का चुनाव कर सकेंगे।
इस योजना की खास बात यह है कि फिक्स्ड अवधि के दौरान रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर ग्राहक की ईएमआई पर नहीं पड़ेगा। आमतौर पर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन में रेपो रेट और अन्य परिस्थितियों में बदलाव होने पर ब्याज दर तथा ईएमआई में परिवर्तन हो सकता है। इससे लंबे समय के लिए लोन लेने वाले परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कोटक की नई सुविधा ऐसे ग्राहकों को एक निश्चित अवधि तक इस तरह के बदलाव से राहत देने का विकल्प देती है।
बैंक के मुताबिक, निर्धारित फिक्स्ड रेट अवधि समाप्त होने के बाद होम लोन अपने आप फ्लोटिंग ब्याज दर व्यवस्था में बदल जाएगा। इसके बाद ब्याज दर आरबीआई की रेपो रेट और लोन स्वीकृति के समय निर्धारित अतिरिक्त मार्जिन यानी स्प्रेड से जुड़ी होगी। यानी 39, 52 या 65 महीने की तय अवधि खत्म होने के बाद ग्राहक को बाजार और रेपो रेट में होने वाले बदलाव के अनुसार ब्याज दर का सामना करना पड़ सकता है।
बैंक का कहना है कि घर खरीदने के बाद परिवारों पर केवल ईएमआई की जिम्मेदारी नहीं होती। उन्हें घर की साज-सज्जा, बच्चों की शिक्षा, रोजमर्रा के खर्च, बचत और अन्य वित्तीय जरूरतों का भी प्रबंधन करना होता है। ऐसे में शुरुआती वर्षों में ईएमआई में अचानक बदलाव परिवार के बजट को प्रभावित कर सकता है। ब्याज दर लॉक करने की सुविधा के जरिए ग्राहक कम से कम चुनी गई अवधि तक अपनी मासिक वित्तीय जिम्मेदारियों का बेहतर अनुमान लगा सकते हैं।
कोटक महिंद्रा बैंक के मॉर्गेज प्रमुख नकुल सक्सेना के मुताबिक, होम लोन कई दशकों तक चल सकता है और इस दौरान ब्याज दरों में कई तरह के उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में हर ब्याज दर समीक्षा के समय ग्राहकों को अपनी ईएमआई और घरेलू बजट पर पड़ने वाले असर की चिंता रहती है। बैंक ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ग्राहकों को 65 महीने तक ब्याज दर लॉक करने का विकल्प दिया है।
बैंक के अनुसार, एक करोड़ रुपये के होम लोन पर अगर ब्याज दरें हाल के उच्च स्तर तक पहुंचती हैं तो इस सुविधा के कारण उधारकर्ता को करीब 3.46 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। हालांकि वास्तविक बचत लोन की अवधि, ब्याज दर, ग्राहक की प्रोफाइल और अन्य शर्तों पर निर्भर करेगी।
इस योजना से उन ग्राहकों को फायदा हो सकता है जो ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर अनिश्चितता कम करना चाहते हैं और कुछ वर्षों तक अपनी ईएमआई को स्थिर रखना पसंद करते हैं। दूसरी ओर, जिन ग्राहकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में ब्याज दरें कम हो सकती हैं, उनके लिए फ्लोटिंग रेट व्यवस्था अधिक आकर्षक हो सकती है। इसलिए होम लोन लेने से पहले ग्राहक को फिक्स्ड और फ्लोटिंग दोनों विकल्पों की शर्तों को अच्छी तरह समझकर अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार फैसला लेना चाहिए।
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