
x
मुंबई: यस बैंक ने कहा है कि वह अपने 'एडिशनल टियर-1' (AT-1) बॉन्ड से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अभी भी मूल्यांकन कर रहा है। अपना आकलन पूरा करने के बाद ही बैंक कूपन भुगतान (ब्याज भुगतान) के बारे में कोई फैसला लेगा।
24 अक्टूबर 2026 को रेगुलेटरी फाइलिंग में, निजी क्षेत्र के इस बैंक ने बताया कि वह कोर्ट के फैसले के बाद उपलब्ध विकल्पों और संभावित कदमों की जांच कर रहा है।
कूपन भुगतान पर बैंक के पास है फैसला लेने का अधिकार
यस बैंक ने स्पष्ट किया कि उसके AT-1 बॉन्ड की शर्तों के अनुसार, कूपन भुगतान के संबंध में बैंक को अपने विवेक से फैसला लेने का अधिकार है।
बैंक ने बताया कि उसे कुछ बॉन्डधारकों से सवाल मिले हैं, जो इन बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज (कूपन) भुगतान के बारे में स्पष्टता चाहते हैं।
फाइलिंग के अनुसार, 17 अक्टूबर 2017 के 'इंफॉर्मेशन मेमोरेंडम' के तहत जारी किए गए बैंक के 9 प्रतिशत वाले AT-1 बॉन्ड के लिए कूपन भुगतान की तारीख 18 अक्टूबर 2026 तय थी।
हालांकि, बैंक ने अभी तक इस फैसले और इससे जुड़े मामलों का अपना आकलन पूरा नहीं किया है।
समीक्षा के बाद फैसले की उम्मीद
यस बैंक ने कहा कि अपना मूल्यांकन पूरा करने के बाद वह यह बताएगा कि कूपन भुगतान के संबंध में वह क्या फैसला ले रहा है।
बैंक ने समीक्षा पूरी करने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई है, लेकिन संकेत दिया है कि यह प्रक्रिया उचित समय पर पूरी कर ली जाएगी।
बैंक ने पुष्टि की है कि उसकी सभी शाखाओं और डिजिटल बैंकिंग चैनलों पर सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी हैं।
यह फाइलिंग SEBI के लिस्टिंग नियमों के रेगुलेशन 30 के तहत BSE और NSE को सौंपी गई है।
उम्मीद है कि बैंक की अगली जानकारी से बॉन्डधारकों को कूपन भुगतान और कोर्ट के फैसले पर बैंक की प्रतिक्रिया के बारे में और अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।
Next Story





