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EPFO सेवाएं बंद होने की खबर फर्जी, संगठन ने बताया पूरा सच

Ratna Netam
5 Aug 2026 2:51 PM IST
EPFO सेवाएं बंद होने की खबर फर्जी, संगठन ने बताया पूरा सच
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बिजनेस : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक संदेश को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार देते हुए कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और नियोक्ताओं से केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की अपील की है। वायरल संदेश में दावा किया गया था कि 5 अगस्त को सिस्टम अपग्रेड के कारण EPFO का e-Office प्लेटफॉर्म अस्थायी रूप से बंद रहेगा और इसके चलते UMANG ऐप पर उपलब्ध कुछ सेवाएं भी प्रभावित होंगी। इस संदेश के व्यापक रूप से साझा होने के बाद लाखों EPFO सदस्यों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद संगठन को आधिकारिक रूप से सफाई जारी करनी पड़ी।
EPFO ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि वायरल हो रहा संदेश संगठन की ओर से जारी नहीं किया गया है। संगठन ने कहा कि यह एडवाइजरी पूरी तरह फर्जी है और इसका EPFO से कोई संबंध नहीं है। EPFO ने साफ शब्दों में कहा कि न तो उसने इस तरह का कोई नोटिस जारी किया है और न ही किसी अधिकृत माध्यम से सेवाएं बंद होने की जानकारी साझा की गई है।
वायरल संदेश में दावा किया गया था कि EPFO की e-Office एप्लिकेशन निर्धारित तकनीकी अपग्रेड के कारण कुछ समय के लिए उपलब्ध नहीं रहेगी। साथ ही यह भी कहा गया था कि UMANG प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिलने वाली कई EPFO सेवाओं का उपयोग भी उस अवधि में नहीं किया जा सकेगा। इस संदेश को सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में साझा किया गया, जिससे कई लोगों ने इसे सही मान लिया और अपनी सेवाओं को लेकर चिंता जताई।
बढ़ते भ्रम को देखते हुए EPFO ने दूसरी आधिकारिक पोस्ट जारी कर पूरे मामले को और स्पष्ट किया। संगठन ने दोहराया कि फिलहाल सेवाओं के बंद होने या किसी निर्धारित तकनीकी रखरखाव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यदि भविष्य में किसी तकनीकी अपग्रेड या मेंटेनेंस के कारण सेवाओं पर असर पड़ता है, तो उसकी जानकारी केवल EPFO की आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से ही दी जाएगी।
EPFO ने अपने सभी सदस्यों, पेंशनभोगियों और नियोक्ताओं से अपील की कि वे किसी भी वायरल संदेश पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें। संगठन ने कहा कि गलत सूचनाएं न केवल भ्रम फैलाती हैं, बल्कि कई बार लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। इसलिए किसी भी सूचना को सही मानने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से अवश्य कर लें।
गौरतलब है कि EPFO पिछले कुछ वर्षों से अपनी डिजिटल सेवाओं को लगातार आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। ऑनलाइन क्लेम, पीएफ ट्रांसफर, यूएएन से जुड़ी सुविधाएं और अन्य सेवाओं को अधिक तेज, सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए समय-समय पर तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। हालांकि इन सुधारों के दौरान यदि कभी किसी सेवा पर असर पड़ता है तो उसकी पूर्व सूचना आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े फर्जी संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से फैलते हैं। कई बार लोग बिना सत्यापन के इन्हें आगे भेज देते हैं, जिससे गलत जानकारी और भ्रम दोनों बढ़ते हैं। ऐसे मामलों में नागरिकों को हमेशा संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल से ही जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा और सूचना की सत्यता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। फर्जी संदेशों के आधार पर निर्णय लेने से आर्थिक नुकसान या सेवा संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं। इसलिए किसी भी वायरल मैसेज, लिंक या एडवाइजरी को सही मानने से पहले उसकी जांच करना आवश्यक है।
यदि आप EPFO के सदस्य हैं या किसी संस्थान में कार्यरत हैं, तो संगठन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण सूचना केवल उसके आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही देखें। EPFO ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल e-Office या UMANG सेवाओं के बंद होने संबंधी कोई भी सूचना जारी नहीं की गई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित फर्जी संदेशों से सतर्क रहें और केवल प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करें।
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