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नए साल की नसीहत

Triveni
24 Dec 2022 1:57 PM IST
नए साल की नसीहत
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फाइल फोटो 

यदि आप नए साल की छुट्टियों का लुत्फ उठाने विदेश जाने की तैयारी में हैं या सर्दी के मौसम में पहाड़ पर हिमपात का आनंद लेने जा रहे हैं

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | यदि आप नए साल की छुट्टियों का लुत्फ उठाने विदेश जाने की तैयारी में हैं या सर्दी के मौसम में पहाड़ पर हिमपात का आनंद लेने जा रहे हैं अथवा पार्टियों के आयोजन तय कर लिए हैं, तो तुरंत उन्हें रद्द कर दें। हम आपको बेवजह भयभीत नहीं करना चाहते, लेकिन कोरोना वायरस के संभावित प्रसार के मद्देनजर हम आपको नसीहत दे रहे हैं। यदि कुछ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है, तो वह व्यापक हित में नगण्य है। फिलहाल हालात ऐसे नहीं हैं कि ऐसे कार्यक्रम खारिज कर देने से होटलों और आतिथ्य उद्योग की अर्थव्यवस्था गोता खा जाएगी, लेकिन तूफान से पहले ही बंदोबस्त किए जाने हितकारी होते हैं। बेशक भारत अब भी अपेक्षाकृत सुरक्षित है और किसी नई लहर की न तो आशंका है और न ही संभावना है। कुछ ही दिनों में यह भी तय हो जाएगा कि कोरोना की नई नस्लें कितनी संक्रामक अथवा मारक हैं। चूंकि भारत सरकार ने शुरुआती परामर्श दिए हैं कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, सामाजिक दूरी बनाकर रखें, कोरोना लक्षण महसूस हों तो टेस्ट कराएं और अनावश्यक यात्राओं से परहेज करें, लिहाजा उनका पालन करना भी देशहित है। प्रधानमंत्री मोदी समेत सांसदों ने अभी से मास्क धारण करना शुरू कर दिया है। राहुल गांधी समेत कांग्रेसियों के देशहित परिभाषित नहीं हैं। दिल्ली एम्स और राम मनोहर लोहिया सरीखे केंद्रीय अस्पतालों में मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि दिशा-निर्देशों में फिलहाल यह अनिवार्यता नहीं है। मास्क पहन कर और परहेज कर हमने कोरोना महामारी की दो भयावह और घातक लहरों को पराजित किया था। दरअसल दुनिया में 5.87 लाख संक्रमित मामले औसतन दर्ज किए गए हैं। एक ही दिन में 1400 से ज्यादा मौतें भी हुई हैं। यह आंकड़ा भी सीमित करके पेश किया गया हो सकता है। अलबत्ता चीन में ही मौतों की संख्या बेहद डरावनी लगती है। अमरीका, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, यूनान, इटली, ब्राजील आदि देशों में कोरोना संक्रमण के लाखों मामले लगातार सामने आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन से संक्रमण के असली आंकड़े मांगे हैं। महामारी के दौर में ऐसा डाटा छिपाना चिंताजनक और मानवता-विरोधी है। चीन से लोग भागकर लाओस, वियतनाम, म्यांमार आदि देशों को जा रहे हैं। भारत-चीन में भी काफी आवाजाही है। फिलहाल भारत सरकार ने न तो अपनी वायु-सीमाएं बंद की हैं और न ही हवाई यात्राओं पर आंशिक पाबंदी थोपी है, लिहाजा वायरस कहां से कहां संक्रमित करने लगे, यह कुछ भी तय नहीं है।


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