LNG टर्मिनल पर नया नियम, अब मंजूरी अनिवार्य, थर्ड-पार्टी एक्सेस की शर्त हटी

Business बिजनेस: भारत की पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) टर्मिनल स्थापित करने या मौजूदा टर्मिनल की क्षमता बढ़ाने के लिए अब पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, अब कंपनियों को अपनी टर्मिनल क्षमता का कोई हिस्सा थर्ड-पार्टी को आरक्षित रखने की बाध्यता नहीं होगी।
एलएनजी टर्मिनल रजिस्ट्रेशन और संचालन से संबंधित नए नियमों को 2025 में अधिसूचित किया गया है। नियमों का उद्देश्य गैस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना, निवेश की बर्बादी रोकना और उपभोक्ताओं को बेहतर व स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
नए नियमों के अनुसार, किसी भी एलएनजी टर्मिनल के लिए अंतिम निवेश निर्णय (FID) से पहले PNGRB को सूचित करना होगा। कंपनियों को परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट और गैस निकासी की योजना भी जमा करनी होगी।
पहले प्रस्तावित नियमों में टर्मिनल क्षमता का 20% थर्ड-पार्टी के लिए आरक्षित करने की शर्त थी, जिसे उद्योग के विरोध के बाद हटाया गया है। अब यह बाध्यता नहीं है। अगर कोई कंपनी नियमों का उल्लंघन करती है या अनुचित व्यापार व्यवहार अपनाती है, तो PNGRB उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है और जमा बैंक गारंटी जब्त कर सकता है।





