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Petrol Diesel की नई कीमतें जारी, जानें आपके शहर के ताज़ा रेट

Tara Tandi
21 Sept 2025 1:04 PM IST
Petrol Diesel की नई कीमतें जारी, जानें आपके शहर के ताज़ा रेट
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Petrol Diesel Price : देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार स्थिर बने हुए हैं। बता दें कि सरकारी तेल कंपनियां हर रोज़ सुबह 6 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों की समीक्षा कर नई दरें जारी करती हैं। ऐसे में 21 सितंबर यानि आज के लिए ताज़ा रेट जारी किए गए, लेकिन बता दे कि आज भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले दो वर्षों से कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी या गिरावट देखने को नहीं मिली है, जिससे
उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है
तो चलिए जानते हैं देश के महानगरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
# दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर है।
# मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर है।
# कोलकाता में पेट्रोल 103.94 रुपये और डीजल 90.76 रुपये प्रति लीटर है।
# चेन्नई में पेट्रोल 100.75 रुपये और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के कीमतें
जयपुर: पेट्रोल 104.72 | डीजल 90.21
लखनऊ: पेट्रोल 94.69 | डीजल 87.80
पुणे: पेट्रोल 104.04 | डीजल 90.57
चंडीगढ़: पेट्रोल 94.30 | डीजल 82.45
इंदौर: पेट्रोल 106.48 | डीजल 91.88
पटना: पेट्रोल 105.58 | डीजल 93.80
सूरत: पेट्रोल 95.00 | डीजल 89.00
नासिक: पेट्रोल 95.50 | डीजल 89.50
दो साल से क्यों स्थिर हैं कीमतें
मई 2022 में केंद्र और कई राज्य सरकारों ने टैक्स में कटौती की थी। उसके बाद से पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ी उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें समय-समय पर बदलती रहती हैं, लेकिन टैक्स कटौती और स्थिर नीतियों की वजह से भारतीय उपभोक्ताओं के लिए रिटेल कीमतें नियंत्रण में हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमत
1. कच्चे तेल का दाम: अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ने पर भारत में पेट्रोल-डीजल महंगे होते हैं।
2. डॉलर-रुपया विनिमय दर: भारत अधिकतर तेल आयात करता है और भुगतान डॉलर में होता है। रुपये के कमजोर होने पर कीमतों पर दबाव बढ़ता है।
3. सरकारी टैक्स: केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और वैट लगाती हैं। यही कारण है कि अलग-अलग राज्यों में दरों में अंतर दिखाई देता है।
4. रिफाइनिंग लागत: कच्चे तेल को उपयोगी ईंधन में बदलने की प्रक्रिया पर भी खर्च होता है।
5. मांग और आपूर्ति: त्योहारों या मौसम के कारण मांग बढ़ने पर कीमतों में अस्थायी उछाल आ सकता है।
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