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कॉस्मेटिक्स खरीदने से पहले दिखेगी नई पहचान सरकार ने बदले नियम

nidhi
22 Sept 2026 2:45 PM IST
कॉस्मेटिक्स खरीदने से पहले दिखेगी नई पहचान सरकार ने बदले नियम
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कॉस्मेटिक्स पर अब वेज नॉनवेज निशान अनिवार्य
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पैकेज्ड उत्पादों की लेबलिंग से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरीज के लिए शाकाहारी और गैर-शाकाहारी स्रोत की पहचान बताने वाले प्रतीक को अनिवार्य करने का फैसला किया है। नए नियमों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदने से पहले उसमें इस्तेमाल सामग्री के स्रोत की स्पष्ट जानकारी देना है।
पैकेट पर दिखेगा वेज-नॉनवेज सिंबल
नए प्रावधान के तहत संबंधित उत्पादों की पैकेजिंग पर ऐसा निशान देना होगा, जिससे ग्राहक आसानी से पहचान सकें कि उसमें इस्तेमाल सामग्री शाकाहारी स्रोत से है या गैर-शाकाहारी स्रोत से। खाद्य उत्पादों पर इस तरह के संकेत पहले से आम हैं, लेकिन अब इसका दायरा कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरीज तक बढ़ाया जा रहा है। इस बदलाव का असर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई पर्सनल केयर और सौंदर्य उत्पादों पर पड़ सकता है। नियमों के दायरे में आने वाले निर्माताओं को अपनी पैकेजिंग और लेबलिंग को निर्धारित मानकों के अनुसार बदलना होगा।
ग्राहकों को मिलेगी ज्यादा जानकारी
कॉस्मेटिक और पर्सनल केयर उत्पादों में कई तरह के प्राकृतिक और पशु-उत्पत्ति वाले तत्वों का इस्तेमाल हो सकता है। आम ग्राहक के लिए केवल सामग्री की सूची पढ़कर उनके स्रोत को समझना आसान नहीं होता। इसी वजह से स्पष्ट प्रतीक उपभोक्ताओं को खरीदारी का निर्णय लेने में मदद कर सकता है। कई ग्राहक धार्मिक, नैतिक या व्यक्तिगत कारणों से पशु-उत्पत्ति वाली सामग्री से बने उत्पादों से बचना चाहते हैं। नई व्यवस्था से ऐसे ग्राहकों को पैकेजिंग देखकर उत्पाद के बारे में शुरुआती जानकारी मिल सकेगी।
कंपनियों को बदलनी होगी पैकेजिंग
नए नियम लागू होने के बाद प्रभावित कंपनियों को अपने उत्पादों की पैकेजिंग में जरूरी बदलाव करने होंगे। कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पैकेट पर दिया गया संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई दे और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। पैकेजिंग में बदलाव का असर उत्पादन प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। कंपनियों को अपने उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न अवयवों के स्रोत की जानकारी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि गलत लेबलिंग से बचा जा सके।
उपभोक्ता पारदर्शिता पर सरकार का जोर
पैकेजिंग से जुड़े नियमों में पिछले कुछ वर्षों में कई बदलाव किए गए हैं। सरकार का जोर इस बात पर रहा है कि ग्राहकों को उत्पाद की कीमत, मात्रा, निर्माता, निर्माण और समाप्ति से संबंधित जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से मिले। वेज और नॉनवेज पहचान से संबंधित नया प्रावधान भी इसी उपभोक्ता पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे ग्राहक केवल ब्रांड या विज्ञापन के आधार पर नहीं, बल्कि उत्पाद की संरचना से जुड़ी जानकारी के आधार पर भी फैसला कर सकेंगे।
बाजार पर भी पड़ सकता है असर
भारत में कॉस्मेटिक्स और पर्सनल केयर उत्पादों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही वीगन और प्लांट-बेस्ड उत्पादों की मांग भी बढ़ी है। ऐसे में स्पष्ट लेबलिंग कंपनियों के लिए अपने उत्पादों की सामग्री को लेकर अधिक पारदर्शिता दिखाने का माध्यम बन सकती है। नए पैकेजिंग नियम लागू होने के बाद ग्राहकों के लिए कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरीज खरीदते समय उनमें इस्तेमाल सामग्री के स्रोत को पहचानना पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है।
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