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Mukesh Ambani की बढ़ सकती है मुश्किलें, इस साल इतना गिर सकते हैं रिलायंस के शेयर

Tara Tandi
28 Jun 2021 11:21 AM GMT
Mukesh Ambani की बढ़ सकती है मुश्किलें, इस साल इतना गिर सकते हैं रिलायंस के शेयर
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देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इडस्ट्रीज (आरआईएल) के मालिक मुकेश अंबानी ने ​रिलायंस की 44वीं एजीएम बैठक में महत्वपूर्ण घोषणाओं की

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इडस्ट्रीज (आरआईएल) के मालिक मुकेश अंबानी ने ​रिलायंस की 44वीं एजीएम बैठक में महत्वपूर्ण घोषणाओं की. इसके बावजूद RIL के शेयर में आई गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. एक हफ्ते के अंदर RIL के शेयर भाव 6 पर्सेंट से ज्यादा गिर चुके हैं. ऐसे में अंबानी के लिए एक और बुरी खबर है. दरअसल वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Macquarie Group ने इसे 'अंडरपरफॉर्म' की रेटिंग दी है. साथ ही इस साल कंपनी के शेयर में 35 फीसदी और गिरावट की आशंका जताई है.

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म के अनुसार आरआईएल के लिए 12 महीने का टारगेट प्राइस 1350 रुपए प्रति शेयर रखा है. यह कंपनी के वर्तमान मार्केट प्राइस की तुलना में 35 फीसदी कम है. रिलायंस के शेयर इस साल अब तक 5.8 फीसदी बढ़े हैं जबकि निफ्टी50 में इसमें 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, इसके बावजूद ये अपने सालाना लक्ष्य को पूरा करने से दूर है. मालूम हो कि रिलायंस ने कुछ दिनों पहले एजीएम में नए एनर्जी बिजनस में 75 हजार करोड़ रुपए के निवेश की बात कही था. इतने बड़े ऐलान के बावजूद ये निवेशकों को आकर्षित करने में असफल रही.
जियोफोन नेक्स्ट से भी लक्ष्य पूरा होना मुश्किल
मैकरी के एनालिस्ट्स के मुताबिक रिलायंस ने जियोफोन नेक्स्ट के लॉन्च का ऐलान किया था.वित्त वर्ष 2023 तक इसके 50 करोड़ तक यूजर्स हो सकते हैं.ऐसा होने पर कंपनी का एआरपीयू 83 रुपए प्रति महीना हो जाएगा जोकि वर्तमान में 138 रुपए प्रति महीना से 10 फीसदी कम है. ऐसे में जियोफोन नेक्स्ट से भी रिलायंस ग्रुप को ज्यादा राहत नहीं मिलने वाली है.
फ्री कैश फ्लो निगेटिव
पिछले 15 वर्षों से रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने फ्री कैश फ्लो जेनेरेशन को बनाए नहीं रख सकी है. ब्रोकरेज फर्म के अनुमान के मुताबिक आगे भी रिलायंस का फ्री कैश फ्लो निगेटव बना रह सकता है क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज 75 हजार करोड़ रुपए का बड़ा अमाउंट खर्च करने का मन बनाया है.
फ्यूचर रिटेल डील से बन सकती है बात
ब्रोकरेज फर्म के अनुमान के अनुसार रिलायंस ग्रुप को फ्यूचर रिटेल डील पूरा होने पर थोड़ी मदद मिल सकती है. इससे कंपनी के रेवेन्यू में 27 पर्सेंट का इजाफा हो सकता है. रिलायंस रिटेल का नेट रेवेन्यू 1100 करोड़ डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2023 तक 1800 करोड़ डॉलर, वित्त वर्ष 2025 तक 2500 करोडड डॉलर और वित्त वर्ष 2030 तक 5000 करोड़ डॉलर तक हो सकता है.


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