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मुकेश अंबानी की शॉपिंग, Just Dial का पूरा कंट्रोल रिलायंस रिटेल के हाथ आया, जाने

Bhumika Sahu
3 Sep 2021 2:34 AM GMT
मुकेश अंबानी की शॉपिंग, Just Dial का पूरा कंट्रोल रिलायंस रिटेल के हाथ आया, जाने
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रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) ने जुलाई में 3,497 करोड़ रुपये में जस्ट डायल में नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की थी.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। भारत के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की अगुवाई वाली रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) ने जस्ट डायल (Just Dial) का पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है. फर्म की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) ने जुलाई में 3,497 करोड़ रुपये में जस्ट डायल में नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की थी. इस घोषणा के बाद आरआरवीएल ने सेबी के अधिग्रहण विनियमों के अनुसार एक सितंबर 2021 से जस्ट डायल लिमिटेड का पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है.

RRVL ने 20 जुलाई 2021 को Just Dial के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी वी एस एस मणि से एक थोक सौदे में कंपनी के 10 रुपये चुकता कीमत वाले 1.31 करोड़ शेयर 1,020 रुपये प्रति शेयर की दर से अधिग्रहण किए थे. कुल मिलाकर आरआरवीएल के पास जस्ट डायल के 40.90 प्रतिशत शेयर हैं. आरआरवीएल अब जस्ट डायल के अन्य शेयरधारकों से 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए खुली पेशकश करेगी.
RRVL ने कहा है कि जस्ट डायल में निवेश अपने लाखों साझेदार व्यापारियों, सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के लिए डिजिटल परिवेश को और मजबूत बनाकर नए कारोबार को लेकर कंपनी की प्रतिबद्धता को बताता है. रिलायंस पहले ही देश की सबसे बड़ी ऑर्गेनाइज्ड रीटेलर बन चुकी है जबकि जस्ट डायल लोकल सर्च इंजन सेगमेंट में मार्केट लीडर है.
15 करोड़ यूनीक विजटर्स
Just Dial 25 साल पुरानी इनफॉर्मेशन सर्च एंड लिस्टिंग्स कंपनी है जिसका पूरे देश में नेटवर्क है. अगर यह डील होती है तो इससे रिलायंस रीटेल को जस्ट डायल के मर्चेंट डेटाबेस का फायदा मिलेगा. मालूम हो कि जस्टडायल के मोबाइल, ऐप्स, बेवसाइट और 8888888888 टेलीफोन हॉटलाइन पर तिमाही औसतन 15 करोड़ यूनीक विजटर्स हैं.
1996 में हुई थी जस्ट डायल की शुरुआत
बता दें कि, जस्ट डायल की शुरुआत 1996 में फोन बेस्ड सर्विस के रूप में हुई थी. तब यह डिस्कवरी में मार्केट लीडर हुआ करती थी, लेकिन बाद में प्रैक्टो, अरबन कंपनी, बुक माई शो, जोमैटो, पेटीएम एवं मेक माई ट्रिप जैसी कंपनियों के आने से इसका क्रेज कम हो गया.
इन कंपनियों का किया अधिग्रहण
रिलायंस रिटेल ने 2020 में दो ई- वाणिज्य अधिग्रहण भी किए. उसने विटालिक हेल्थ और उसके आनलाइन फार्मेसी प्लेटफार्म नेटमेड्स का अधिग्रहण किया. इसके अलावा घर की सजावट का काम करने वाली आनलाइन कंपनी अर्बनलेडर में नवंबर में 96 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया.
रिलायंस रिटेल का बड़ा कारनामा
Reliance Retail सबसे तेजी से ग्रो करने वाली रिटेलर्स में दुनिया में दूसरे नंबर पर है. Deloitte की तरफ से ग्लोबल रिटेल पावर हाउस 2021 की लिस्ट जारी की गई है जिसमें यह खुलासा हुआ है. पिछले साल इस लिस्ट में रिलायंस रिटेल पहले नंबर पर थी.


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